Punjab Election 2022: राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के लिए क्या मुश्किल खड़ी कर दी, उनके विदेश दौरे पर सवाल क्यों उठते हैं?
हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र से पहले राहुल गांधी लगभग एक महीने के लिए विदेश यात्रा पर थे। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले लौटे थे। राहुल गांधी की विदेश यात्रा उनकी आलोचना के लिए भाजपा के पास एक सुनहरा अवसर होता है।
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खास और अहम मौके पर विदेश जाने की वजह से कई बार राहुल गांधी को भाजपा की आलोचना का सामना करना पड़ता है और पार्टी नेताओं के पास बचाव करने के सिवा कोई उपाय नहीं होता। बहरहाल राहुल गांधी की इस विदेश यात्रा से पंजाब कांग्रेस के लिए एक मुश्किल खड़ी हो गई है। राहुल गांधी पंजाब कांग्रेस ने तीन जनवरी को मोगा जिले में एक पार्टी रैली को संबोधित करने वाले थे।
तय समय पर नहीं पहुंच सकते राहुल
माना जा रहा था कि इस रैली के बाद कांग्रेस आधिकारिक तौर पर पंजाब में प्रचार शुरू करने जा रही है। हालांकि, रिपोर्टों का कहना है कि राहुल गांधी रैली के लिए समय पर वापस नहीं आ सकते हैं, इसलिए रैली को स्थगित कर दिया गया है और तारीख आगे बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि वे अब 15 और 16 जनवरी को पंजाब और गोवा में रैलियों को संबोधित कर सकते हैं।
ऐसा पहले भी कई मौकों पर हो चुका है कि राहुल गांधी की गैरमौजूदगी के कारण पार्टी को अपने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को स्थगित या रद्द करना पड़ा। 2019 में जब देश भर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पार्टी विरोध प्रदर्शन कर रही थी उस समय राहुल गांधी दक्षिण कोरिया निकल गए थे। महाराष्ट्र में गठबंधन बनने के समय भी राहुल गांधी देश में नहीं थे और पार्टी ने उनके वापस लौटने का इंतजार किया।
कांग्रेस की सफाई-निजी यात्रा पर गए हैं राहुल
राहुल की विदेश यात्रा पर कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा ‘राहुल गांधी एक संक्षिप्त व्यक्तिगत यात्रा पर हैं। भारतीय जनता पार्टी और मीडिया मित्रों को अनावश्यक रूप से अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए।’
राहुल गांधी की विदेश यात्रा कोई पहली बार सुर्खियों में नहीं आई है। कई बार ऐसा माना गया कि राहुल गांधी राजनीति से ज्यादा अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को ज्यादा अहमियत देते हैं, जिसमें साल की कई छुट्टियां भी शामिल है। कभी वे जन्मदिन मनाने तो कभी छुट्टियां मनाने बाहर जाते रहे हैं।
कांग्रेस कवर करने वाले कुछ वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि ऐसा लगता है कि राहुल गांधी किसी भी तरह की आलोचनाओं की परवाह नहीं करते और वे ही वही करते हैं जो उन्हें ठीक और जरूरी लगता है। इस चक्कर में वे अक्सर पार्टी हितों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे पार्टी का नुकसान होता है और राहुल गांधी शायद इसकी फिक्र नहीं करते हैं।
साल में कितनी विदेश यात्रा करते हैं राहुल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने साल 2019 में विशेष सुरक्षा समूह (संशोधन) विधेयक, 2019 पर एक बहस का जवाब देते हुए कहा था 2015 से 2019 तक कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एसपीजी को सूचित किए बिना भारत में 1,892 बार और विदेश में 247 बार यात्रा की है। इस लिहाज से वे हर साल लगभग 65 विदेश यात्राएं करते हैं। ये ऐसी यात्राएं हैं जो एसपीजी को बिना बताए किए की गई थीं। यानी उनकी विदेश यात्राओं की संख्या इससे ज्यादा भी सकती है।
राहुल की विदेश यात्रा ने कांग्रेस की पंजाब इकाई में बेचैनी पैदा कर दी है क्योंकि यह ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी विधानसभा चुनावों के समय गुटबाजी और नेताओं के पार्टी छोड़ने की समस्या से जूझ रही है। राज्य पार्टी के एक नेता के मुताबिक मोगा की रैली को पार्टी का एकता का प्रदर्शन माना जा रहा था। हम उम्मीद कर रहे थे कि राहुल गांधी मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पीपीसीसी प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू और अन्य नेता एक मंच पर आएंगे तो पार्टी के हितों को नुकसान पहुंचाने वाली अलग-अलग आवाजें बंद हो जाएंगी। चूंकि अब किसी भी समय चुनावों की घोषणा हो सकती है इसलिए हम तीन जनवरी से चुनाव प्रचार को आधिकारिक तौर पर शुरू करने जा रहे थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
पता ही नहीं चला कब चले गए
उनके मुताबिक रैली के लिए पार्टी नेता पिछले कई दिनों से लगातर मेहनत कर रहे थे और पार्टी ने रैली की व्यवस्था बहुत पहले करना शुरू कर दिया था। कार्यक्रम स्थल को अंतिम रूप दे दिया गया था, लेकिन हमें पता ही नहीं चला कि वह विदेश कब चले गए हैं। हमें इसके बारे में तब पता चला जब विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया।
पार्टी नेता इस बात से भी परेशान हैं कि पांच जनवरी को पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली होने वाली है और भाजपा के पक्ष में माहौल बनना शुरू हो जाएगा, लेकिन कांग्रेस जो सत्ता में है उसने चुनाव प्रचार को धार देने में देर हो जाएगी। पार्टी नेता इस बात पर भी चिंता जता रहे हैं कि कोरोना मामलों के कारण यदि चुनाव आयोग ने शारीरिक रैली पर रोक लगा दी तो वर्चुअल रैली में प्रचार का वह माहौल और प्रभाव नहीं बन पाएगा। ऐसे में पंजाब कांग्रेस के नेताओं को लगता है कि राहुल गांधी ने मोगा रैली को मिस करके एक अच्छा अवसर गंवा दिया है। पार्टी नेताओं का यह भी कहना है कि राहुल गांधी के विदेश जाने के कारण टिकट वितरण की प्रक्रिया में देर हो सकती है, क्योंकि जब वे रैली के लिए पंजाब आते तो टिकट वितरण को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली थी।