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पंजाब, बिहार और तेलंगाना की केंद्र से मांग, प्रवासी मजदूरों के लिए चलवाएं विशेष ट्रेन

Thu, 30 Apr 2020 09:01 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 30 Apr 2020 09:01 PM IST
सार

पंजाब, बिहार और तेलंगाना ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि उनके राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर वापस पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेन चलाई जाएं। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी केंद्र से यह अनुरोध किया था लेकिन उनकी मांग खारिज कर दी गई थी। 

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Punjab, Bihar and other states urged central government to run special trains for transportation of migrant workers who are stranded due to Lockdown
प्रवासी मजदूर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को सभी डिप्टी कमिश्नर को निर्देश दिया कि वह लॉकडाउन के चलते राज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों की राज्यवार जानकारी तैयार करें। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेन चलाने का अनुरोध किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अकेले लुधियाना में सात लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर हैं। वहीं, पूरे पंजाब में इनकी संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। 
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वहीं, तेलंगाना के मंत्री टी श्रीनिवास यादव ने गुरुवार को मांग की कि प्रवासी मजदूरों को मुफ्त में उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार को विशेष ट्रेन चलानी चाहिए। उन्होंने कहा, राज्य में करीब 15 लाख प्रवासी मजदूर हैं, जो बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से हैं। 
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एक आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि अगर वह बस से यात्रा करेंगे तो उन्हें अपने घर तक पहुंचने में तीन से पांच दिन लग जाएंगे। केंद्र का यह कहना सही नहीं है कि संबद्ध राज्यों को उनके यहां फंसे मजदूरों को बस से भेजना होगा। 

वहीं, बिहार सरकार ने भी तेलंगाना और पंजाब के सुर में सुर मिलाते हुए केंद्र सरकार से प्रवासी मजदूरों के आवागमन के लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग की। बता दें कि केंद्र द्वारा दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को घर जाने की अनुमति देने के बाद उत्तर प्रदेश ने कुछ राज्यों में बसें भेज दी थीं। 

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा, लाखों की संख्या में दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों को बस से भेजना या लाना संभव नहीं है, खासकर उन लोगों को जो दूरदराज के इलाकों में फंसे हैं। मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि उनके लिए विशेष ट्रेन चलाई जाए।

बता दें कि बुधवार को केंद्र ने एक आदेश जारी करते हुए ऐसे लोगों को घर जाने की अनुमति दे दी है जो लॉकडाउन के चलते अपने घर से दूर या बाहरी राज्यों में फंसे हुए हैं। हालांकि, मंत्रालय ने अनुमति देने के साथ ही कुछ शर्तें भी लागू की हैं, जिनका पालन किया जाना अनिवार्य होगा।

बता दें कि देश में कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए तीन मई तक लॉकडाउन जारी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। इसकी वजह से प्रवासी मजदूर, बाहर पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राएं आदि वहीं फंस गए थे और लंबे समय से घर वापस पहुंचाने की मांग कर रहे थे। 

केरल के सीएम पी विजयन ने कहा-केंद्र सरकार का फैसला अव्यवहारिक है।

केरल के सीएम पी विजयन ने कहा, राज्य में यूपी, बिहार, असम, बंगाल और झारखंड के करीब 3.6 लाख प्रवासी 20 हजार से ज्यादा कैंपाें में रह रहे हैं। सभी वापस जाना चाहते हैं। वापसी बसों से करवाने का केंद्र सरकार का फैसला अव्यवहारिक है।

झारखंड सरकार ने भी केंद्र से ट्रेन चलवाने की अपील की है। इससे पहले राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु भी अपने यहां फंसे प्रवासियों की वापसी के लिए केंद्र से ट्रेन चलाने का आग्रह कर चुके हैं।

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