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पोलियो ड्रॉप की जगह बच्चों को सैनिटाइजर पिलाने के मामले में तीन निलंबित, जांच के आदेश

Tue, 02 Feb 2021 01:13 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Tue, 02 Feb 2021 01:13 PM IST
सार

  • महाराष्ट्र में बच्चों को पोलियो ड्रॉप की जगह सैनिटाइजर पिलाया
  • हालत बिगड़ने पर 12 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया

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pulse polio vaccination : 12 children in Maharashtra given sanitizer instead of polio drops
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में कापसिकोरी गांव में पोलियो टीकाकरण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्यकर्मियों ने कापसिकोरी गांव में 12 बच्चों को पोलियो ड्रॉप की जगह सैनिटाइजर पिला दिया, जिससे बच्चों की हालत बिगड़ गई। उल्टी और बेचैनी की शिकायत के बाद इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। सभी बच्चों की उम्र पांच साल से कम है। उनकी हालत स्थिर है। डॉक्टरों की टीम इनकी निगरानी कर रही है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीकृष्ण पांचाल ने यह जानकारी दी।

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श्रीकृष्ण पांचाल ने बताया कि पोलियो ड्रॉप की जगह बच्चों को सैनिटाइजर पिलाने के मामले में भानबोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक आशा कार्यकर्ता को निलंबित कर दिया गया है। इन तीनों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं जिले के सामाजिक कार्यकर्ता किशोर तिवारी ने कहा कि वे स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे से मुलाकात करेंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
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स्टॉफ को प्रशिक्षित किया गया या नहीं, होगी जांच 
सीईओ श्रीकृष्ण पांचाल ने कहा कि यह एक बहुत बड़ी लापरवाही है। पोलियो वैक्सीन की बोतल पर वायरल मॉनिटर वाले स्क्वायर बने होते हैं। इनका विशेष रंग होता है। विशेष आकार होता है। ऐसे में यह लापरवाही कैसे हो गई, पोलियो ड्रॉप की जगह सैनिटाइजर कैसे पिला दिया गया, इसकी जांच होगी। यह भी देखा जाएगा कि बच्चों को दवा पिलाने वाले स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया या नहीं? वहीं जिलाधिकारी एम. देवेंद्र ने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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एक दिन बाद हुआ गलती का अहसास

यह घटना रविवार की है। बच्चों की तबीयत खराब होने के बाद अगले दिन सोमवार को पोलियो अभियान चलाने वाली टीम को सूचना दी गई, तब जाकर उनको अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने दूसरी बार में पोलिया की दवा पिलाई। बीमार बच्चों का नाम -गिरम गेदाम, योगश्री गेदाम, तनुज गेदाम, हर्ष मेश्राम, वेदांत मेश्राम, राधिका मेश्राम, प्राची मेश्राम, माही मेश्राम, निशा मेश्राम,आस्था मेश्राम और भावना अर्के है।

बता दें कि  भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। देश में 10 साल से कोई नया मामला नहीं आया है। आखिरी मामला 13 जनवरी, 2011 को आया था। हालांकि, सतर्कता अभी भी बरती जा रही है क्योंकि पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो के मामले आना जारी हैं। इसी के तहत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में पांच साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर 2021 के लिए राष्ट्रीय पोलियो अभियान शुरू किया।

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