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Puducherry: पीएमके की बैठक में पिता-पुत्र के बीच छिड़ा वाकयुद्ध, एस रामदास के फैसले के विरोध में आए अंबुमणि
Sat, 28 Dec 2024 11:38 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुडुचेरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुडुचेरी
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 28 Dec 2024 11:38 PM IST
सार
पीएमके की बैठक में पार्टी अध्यक्ष अंबुमणि और उनके पिता एस रामदास के बीच भीषण वॉकयुद्ध देखने को मिला। कारण था कि रामदास ने अपने पोते मुकुंथन को राज्य युवा शाखा का अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया। इसपर उनटे बेटे अंबुमणि ने नाराजगी जताई।
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पीएमके की बैठक (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
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विस्तार
तमिलनाडु की पार्टी पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) में आंतरिक क्लेश की खबर सामने आ रही है। शनिवार को पार्टी बैठक के दौरान पार्टी संस्थापक एस रामदास और उनके पुत्र व पार्टी अध्यक्ष अंबुमणि रामदास के बीच वॉकयुद्ध देखने को मिला। कारण था कि पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने पार्टी की बैठक में अपने पिता एस रामदास के फैसले का विरोध किया।
रामदास ने पार्टी के सदस्य और अपने भतीजे पी मुकुंथन को राज्य युवा शाखा का अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया, जिसका अंबुमणि ने विरोध किया। इस पर दोनों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। मुकुंथन रामदास के पोते हैं, जिसको लेकर रामदास ने कहा कि वह अंबुमणि की मदद करेंगे।
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अंबुमणि ने रामदास के फैसले को नकारा
पार्टी अध्यक्ष अंबुमणि ने पिता रामदास के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मुकुंथन पार्टी में सिर्फ 4 महीने से हैं और उन्होंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया, जबकि वे एक अनुभवी उम्मीदवार को यह पद देने के पक्ष में थे। इस बात पर रामदास ने कहा कि पार्टी की स्थापना उन्होंने की है और उनका आदेश सभी को मानना चाहिए। अगर कोई आदेश का पालन नहीं करता, तो उसे पार्टी छोड़ देनी चाहिए।
अंबुमणि ने गुस्से में फेंका माइक
रामदास के बयान के बयान के बाद अंबुमणि ने गुस्से में माइक को मेज पर गिरा दिया जो उनकी निराशा को दर्शाता था। इसके बाद अंबुमणि ने घोषणा की कि उन्होंने चेन्नई के पनयूर में एक नया कार्यालय खोला है, जहां पार्टी के लोग उनसे मिल सकते हैं।
पार्टी में लगातार होते रहे अनबन
बता दें कि पार्टी में अनबन की खबर पहली बार नहीं है। राजनीतिक विचारधारों की मार पीएमके को हमेशा से ही झेलनी पड़ी है। इससे पहले भी जब अंबुमणि और रामदास दोनों ने 21 दिसंबर को तिरुवन्नामलाई में एक पार्टी बैठक में साथ काम किया था। तो पीएमके ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा से गठबंधन किया था, तो यह माना गया था कि अंबुमणि भाजपा के पक्ष में थे, जबकि रामदास एआईएडीएमके से गठबंधन करना चाहते थे।
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#WATCH | Puducherry: An argument took place between Pattali Makkal Katchi (PMK) founder S Ramadoss and his son and party president Anbumani Ramadoss during the party’s general council meeting in Puducherry today
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When S Ramadoss announced the name of P Mukundan for the post of… pic.twitter.com/dbau4j36Pg — ANI (@ANI) December 28, 2024
रामदास ने पार्टी के सदस्य और अपने भतीजे पी मुकुंथन को राज्य युवा शाखा का अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया, जिसका अंबुमणि ने विरोध किया। इस पर दोनों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। मुकुंथन रामदास के पोते हैं, जिसको लेकर रामदास ने कहा कि वह अंबुमणि की मदद करेंगे।
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अंबुमणि ने रामदास के फैसले को नकारा
पार्टी अध्यक्ष अंबुमणि ने पिता रामदास के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मुकुंथन पार्टी में सिर्फ 4 महीने से हैं और उन्होंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया, जबकि वे एक अनुभवी उम्मीदवार को यह पद देने के पक्ष में थे। इस बात पर रामदास ने कहा कि पार्टी की स्थापना उन्होंने की है और उनका आदेश सभी को मानना चाहिए। अगर कोई आदेश का पालन नहीं करता, तो उसे पार्टी छोड़ देनी चाहिए।
अंबुमणि ने गुस्से में फेंका माइक
रामदास के बयान के बयान के बाद अंबुमणि ने गुस्से में माइक को मेज पर गिरा दिया जो उनकी निराशा को दर्शाता था। इसके बाद अंबुमणि ने घोषणा की कि उन्होंने चेन्नई के पनयूर में एक नया कार्यालय खोला है, जहां पार्टी के लोग उनसे मिल सकते हैं।
पार्टी में लगातार होते रहे अनबन
बता दें कि पार्टी में अनबन की खबर पहली बार नहीं है। राजनीतिक विचारधारों की मार पीएमके को हमेशा से ही झेलनी पड़ी है। इससे पहले भी जब अंबुमणि और रामदास दोनों ने 21 दिसंबर को तिरुवन्नामलाई में एक पार्टी बैठक में साथ काम किया था। तो पीएमके ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा से गठबंधन किया था, तो यह माना गया था कि अंबुमणि भाजपा के पक्ष में थे, जबकि रामदास एआईएडीएमके से गठबंधन करना चाहते थे।