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SC: ‘मतदान का डेटा तुरंत अपलोड करने से चुनावी माहौल बिगड़ेगा’, चुनाव आयोग का अदालत में ADR की मांग का विरोध
Thu, 23 May 2024 10:05 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Thu, 23 May 2024 10:05 PM IST
सार
SC: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि मतदान के बाद 48 घंटे के भीतर अपनी वेबसाइट पर मतदान डेटा अपलोड करने से चुनावी माहौल बिगड़ेगा। एडीआर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की थी।
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Supreme Court
- फोटो : ANI
विस्तार
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में लोकसभा चुनाव के प्रत्येक चरण के मतदान के बाद 48 घंटे के भीतर अपनी वेबसाइट पर मतदान डेटा अपलोड करने की मांग को अनुचित करार दिया है। दरअसल शीर्ष अदालत में यह मांग गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने उठाई थी। चुनाव आयोग ने तर्क दिया है कि ऐसा करने से चुनाव की स्थिति बिगड़ सकती है।
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एडीआर ने अपनी याचिका में क्या कहा था?
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की अवकाश पीठ इस मामले में एडीआर की याचिका पर सुनवाई करने वाली है। एडीआर की याचिका में इस संबंध में चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि सभी मतदान केंद्रों की जानकारी मतदान के तुरंत बाद अपलोड की जानी चाहिए। एडीआर ने यह भी मांग की है कि मतदान केंद्रों के फॉर्म 17 सी (दर्ज किए गए वोटों का खाता) की प्रतियां मतदान के तुरंत बाद अपलोड की जाएं।
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डेटा अपलोड करने से चुनावी क्षेत्र में गड़बड़ी की संभावना- चुनाव आयोग
इस मामले चुनाव आयोग ने अदालत में हलफनामा दायर किया है। हलफनामे में बताया गया है कि 48 घंटे के भीतर अपनी वेबसाइट पर मतदान डेटा अपलोड करने से पूरे चुनावी क्षेत्र में गड़बड़ी हो सकती है क्योंकि छेड़छाड़ की संभावना बढ़ जाती है। हलफनामे में बताया गया है कि फॉर्म 17 सी की सार्वजनिक रूप से अपलोड नहीं किया जा सकता क्योंकि वैधानिक ढांचे में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। चुनाव आयोग ने यह दलील भी दी कि कुछ लोगों द्वारा हर बार चुनाव के समय के संदेह का माहौल बनाकर आधारहीन और झूठे आरोप लगाए जाते हैं। ऐसा इसलिए, ताकि चुनाव आयोग को बदनाम किया जा सके।
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बता दें कि 17 मई को एडीआर ने शीर्ष अदालत याचिका दायर की थी। इसके बाद शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था।