राजस्थान के मंत्री ने कहा- 'जनता समझती नहीं है, दाम बढ़ गए हैं तो कुछ खर्चे कम कर दें'
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कांग्रेस ने आज (सोमवार) अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ भारत बंद का आयोजन किया है। जिस पर अब सियासत हो रही है। अब राजस्थान से भाजपा मंत्री राजकुमार रिणंवा का भी बयान आया है। उन्होंने सरकार का बचाव करते हुए कहा है, 'अंतराष्ट्रीय मार्केट में जो क्रूड ऑयल होता है उस हिसाब से चलता है, सरकार कोशिश कर रही है। इतने खर्चे हैं, बाढ़ है चारों तरफ, इतनी खपत है। जनता समझती नहीं है कि क्रूड ऑइल का दाम बढ़ गया तो कुछ खर्चे कम कर दें।'
World market mein jo crude ka price hota hai us hisaab se chalta hai, Sarkar koshish kar rahi hai. Itna kharche hain, flood hain chaaro taraf,itna consumption hai.Janta samajhti nahi hai,ki crude ka daam badh gaya to kuch kharche kam kar de: Rajasthan Minister Rajkumar Rinwa pic.twitter.com/g9MpM1fJno
— ANI (@ANI) September 10, 2018विज्ञापन
मंत्री के ऐसे बयान पर राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, 'भाजपा नेतृत्व की ओर से ऐसी टिप्पणियां हमें बताती हैं कि वो कितने अभिमानी हैं, वह लोगों की जरूरतों के प्रति असंवेदनशील हैं। जब लोग महंगाई और पेट्रोल की कीमतों से परेशान हो रहे हैं तो वह अपने बयानों से उसे और भी ज्यादा बदतर बना देते हैं।
वहीं पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में 16 विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को एक मंच पर आकर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा और आगामी लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर लड़ने एवं भाजपा को हराने का आह्वान किया। कांग्रेस द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ के तहत आयोजित विरोध प्रदर्शन में ज्यादातर विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर आए। कांग्रेस का कहना है कि 16 दलों के नेताओं ने मंच साझा किया, लेकिन पांच-छह अन्य पार्टियां भी अपने स्तर से ‘भारत बंद’ में शामिल हैं।
विरोध प्रदर्शन में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए। कैलास मानसरोवर यात्रा से कल रात लौटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने राजघाट से रामलीला मैदान तक मार्च भी किया।
कांग्रेस के मुताबिक ‘भारत बंद’ में उसे समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), द्रमुक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), जद(एस), आम आदमी पार्टी (आप), तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा), राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), नेशनल कान्फ्रेंस, झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (झाविमो-प्र), एआईयूडीएफ, केरल कांग्रेस (एम), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), आईयूएमएल, स्वाभिमान पक्ष और लोकतांत्रिक जनता दल का समर्थन मिला। वैसे, वामपंथी दलों ने अपने स्तर से भी ‘भारत बंद’ का आह्वान कर रखा था।