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Bengal: चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने इस्लामिक एसोसिएशन का प्रदर्शन, उइगर मुसलमानों पर अत्याचार रोकने की मांग
Sat, 10 Feb 2024 05:56 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 10 Feb 2024 05:56 PM IST
सार
इस्लामिक एसोसिएशन ने सॉल्टलेट इलाके में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने सड़कों पर पोस्टर और बैनर के साथ प्रदर्शन किया। स्थिति को काबू में रखने के लिए पुलिस की एक टीम को भी तैनात किया किया गया था।
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इस्लामिक एसोसिएशन फॉर पीस
- फोटो : ANI
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विस्तार
इस्लामिक एसोसिएशन फॉर पीस ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने यह प्रदर्शन चीन द्वारा उइगर मुस्लिमों के साथ किए जाने वाले उत्पीड़न और चीनी मानक मानचित्र 2023 में अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बताने के विरोध में किया गया।
उइगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
इस्लामिक एसोसिएशन ने सॉल्टलेट इलाके में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने सड़कों पर पोस्टर और बैनर के साथ प्रदर्शन किया। स्थिति को काबू में रखने के लिए पुलिस की एक टीम को भी तैनात किया किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अरुणाचल प्रदेश को चीनी मानचित्र से बाहर करने और उइगर मुसलमानों के उत्पीड़न को रोकने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, 'हम यहां शांतिपूर्वक चीन द्वारा उइगर मुसलमानों के साथ किए जाने वाले उत्पीड़ण के खिलाफ प्रदर्शन करने आए हैं। हम शांति प्रिय मुसलमान हैं। हम चाहते हैं कि सभी मानवजाति यहां प्यार से रहें। हम सभी के लिए शांति चाहते हैं, इसलिए हम यहां प्रदर्शन कर रहे हैं।'
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उन्होंने आगे कहा, 'हमने फेसबुक और यूट्यूब में देखा है कि कैसे चीन में मुस्लमानों पर अत्याचार किया जाता है। हम चीनी सरकार से अनुरोध करते हैं कि वे मुसलमानों को शांति से रहने दें। सभी भाईचारे से रहना चाहते हैं। हम भारत, भारतवर्ष की तरफ से इसके लिए अपील कर रहे हैं।'
संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी 2022 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि चीन में उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ चीन में जिस तरह का व्यवहार किया जाता है वह मानवता के विरुद्ध अपमान है। हालांकि, चीन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।
चीन ने अरुणाचल को बताया था अपना क्षेत्र
पिछले साल 2023 में चीन ने मानक मानचित्र जारी किया था, जिसमें उन्होंने दक्षिण चीन सागर के साथ अरुणाचल प्रदेश को भी चीन का हिस्सा बताया था। इस पर भारत ने विरोध भी जताया था। इस पर विदेश मंत्रीलय ने कहा कि चीन के इन दावों से दोनों देशों की सीमा प्रश्न को जटिल बनाएगा। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस चीन की पुरानी आदत बताई थी।
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उइगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
इस्लामिक एसोसिएशन ने सॉल्टलेट इलाके में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने सड़कों पर पोस्टर और बैनर के साथ प्रदर्शन किया। स्थिति को काबू में रखने के लिए पुलिस की एक टीम को भी तैनात किया किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अरुणाचल प्रदेश को चीनी मानचित्र से बाहर करने और उइगर मुसलमानों के उत्पीड़न को रोकने की मांग की है।
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प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, 'हम यहां शांतिपूर्वक चीन द्वारा उइगर मुसलमानों के साथ किए जाने वाले उत्पीड़ण के खिलाफ प्रदर्शन करने आए हैं। हम शांति प्रिय मुसलमान हैं। हम चाहते हैं कि सभी मानवजाति यहां प्यार से रहें। हम सभी के लिए शांति चाहते हैं, इसलिए हम यहां प्रदर्शन कर रहे हैं।'
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उन्होंने आगे कहा, 'हमने फेसबुक और यूट्यूब में देखा है कि कैसे चीन में मुस्लमानों पर अत्याचार किया जाता है। हम चीनी सरकार से अनुरोध करते हैं कि वे मुसलमानों को शांति से रहने दें। सभी भाईचारे से रहना चाहते हैं। हम भारत, भारतवर्ष की तरफ से इसके लिए अपील कर रहे हैं।'
संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी 2022 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि चीन में उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ चीन में जिस तरह का व्यवहार किया जाता है वह मानवता के विरुद्ध अपमान है। हालांकि, चीन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।
चीन ने अरुणाचल को बताया था अपना क्षेत्र
पिछले साल 2023 में चीन ने मानक मानचित्र जारी किया था, जिसमें उन्होंने दक्षिण चीन सागर के साथ अरुणाचल प्रदेश को भी चीन का हिस्सा बताया था। इस पर भारत ने विरोध भी जताया था। इस पर विदेश मंत्रीलय ने कहा कि चीन के इन दावों से दोनों देशों की सीमा प्रश्न को जटिल बनाएगा। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस चीन की पुरानी आदत बताई थी।