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इलाहाबाद पहुंचने पर प्रतियोगी छात्रों सहित कांग्रेस ने किया मोदी का विरोध

Mon, 13 Jun 2016 03:17 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Mon, 13 Jun 2016 03:17 AM IST
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protest of indian national congress and students against narendra modi in allahabad
स्टूडेंट गार्जियन फ्रंट की ओर से महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर पीएम का पुतला फूंका - फोटो : PTI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शहर आगमन का विरोध कर रहे कांग्रेसियों ने रविवार को पोल-खोल कार्यक्रम के तहत काला दिवस मनाया। आनंद भवन के पास प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस गिरफ्तार कर कर्नलगंज थाने ले गई, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। उधर सुभाष चौराहे पर जुटे कांग्रेसियों को पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ दिया।
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुकुंद तिवारी के नेतृत्व में दर्जन भर कार्यकर्ता पीएम मोदी का विरोध करने के लिए जुटे। वे ‘मोदी वापस जाओ, महंगाई घटाओ’ के नारे लगा रहे थे। बिना अनुमति प्रदर्शन पर कई थानों की फोर्स के साथ सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी पहुंचे और मुकुंद तिवारी, तारिक सईद अज्जू, हरदेव सिंह, राम किशुन पटेल, वीरेंद्र सोनकर, राजाराम कनौजिया, इमरान वजूद, अजीत कुशवाहा, नसीम, अनिल प्रजापति, कौशल सोनकर को गिरफ्तार कर लिया। कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
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वहीं कांग्रेसी नेता हसीब अहमद के नेतृत्व में कांग्रेसी देश में बढ़ती महंगाई और असहिष्णुता के मुद्दे पर पीएम के  आगमन पर सुभाष चौराहे पर विरोध कर रहे थे। गृहमंत्री राजनाथ सिंह से विरोध जताने के लिए कांग्रेसी नेता होटल कान्हा श्याम की ओर बढ़ रहे थे। तभी सिविल लाइंस इंस्पेक्टर महेश पांडेय कई थानों की फोर्स के साथ आ गए। होटल की ओर बढ़ रहे कांग्रेसियों को लाठी भांजकर खदेड़ दिया, जबकि प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हसीब अहमद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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नेताओं के पास फटक नहीं सके युवा

protest of indian national congress and students against narendra modi in allahabad
मोदी के इलाहाबाद पहुंचने पर सपा कार्यकार्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया - फोटो : PTI

भर्ती संस्थाओं की परीक्षाओं में धांधली तथा बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों को घेरने की तैयारी में जुटे युवाओं को उनके आसपास फटकने भी नहीं दिया गया। प्रतियोगियों के अलग-अलग गुट ने केपी ग्राउंड समेत हर उस स्थान पर जाने की कोशिश की जहां भाजपा नेताओं का जमावड़ा हुआ, लेकिन उन्हें एकत्रित नहीं होने दिया। ऐसे में उनका विरोध प्रदर्शन इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर ही केंद्रित रहा।

विश्वविद्यालय पर दीप और मोमबत्ती जलाकर प्रतियोगियों ने लोक सेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग की। आइसा के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय से बालसन चौराहा तक जुलूस निकालने में जरूर सफल रहे, लेकिन उन्हें भी सभा नहीं करने दी गई।

आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच, पीसीएस-2016 प्रारंभिक परीक्षा निरस्त करने, ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा निरस्त करने, एसएससी की सिपाही भर्ती में नियुक्ति देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रतियोगियों के अलग-अलग संगठन लंबे समय से आंदोलनरत हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से रविवार को नेताओं के घेराव के साथ विश्वविद्यालय से बालसन चौराहा तक कैंडल मार्च की घोषणा की गई थी। ग्राम विकास अधिकारी भर्ती के अभ्यर्थियों ने चंद्रशेखर आजाद पार्क में बैठक की घोषणा की थी।

इसके मद्देनजर पुलिस की प्रतियोगियों नजर रही और उन्हें कहीं एकत्रित नहीं होने दिया। एसएससी के अभ्यर्थियों को तो शनिवार की रात में हटा दिया गया था। विश्वविद्यालय के आसपास भी भारी संख्या में फोर्स तैनात रही। ऐसे में विश्वविद्यालय पर प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले जुटे प्रतियोगियों ने कैंडल मार्च का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। उन्होंने शोभनाथ की प्रतिमा के समक्ष दीप और मोमबत्ती जलाकर सीबीआई जांच की मांग की।

उन्होंने लाल पद्मधर की प्रतिमा तक जुलूस भी निकाला। उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को उनका वादा दिलाया। उनका कहना था कि यदि सोमवार तक प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की ओर से इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई तो वे एक बार फिर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

परिसर में भेदभाव के खिलाफ आइसा का मार्च
विश्वविद्यालयों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने और रोहित एक्ट लागू करने की मांग तथा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के विरोध में आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की ओर से रविवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन से बालसन चौराहा तक कैंडल मार्च निकाला गया। विद्यार्थियों का कहना था कि परिसर में जातिगत भेदभाव की शिकायतें लगातार बनी हुई हैं। वे बालसन चौराहा पर सभा करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया।

कालेज शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक कालेजों के शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर परिसर में राजनेताओं और छात्र नेताआें का दबाव कम करने की मांग की। उनका कहना था कि कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू के नेतृत्व में विश्वविद्यालय और कालेजों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं लेकिन नेताओं के विरोध की वजह से गतिरोध कायम हो जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि इस तरह के दबाव को खत्म करने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप करें।

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