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Madras HC: शक्तियों का अधिक इस्तेमाल करने पर अधिकारियों के खिलाफ चलाया जाए मुकदमा
Wed, 02 Nov 2022 08:27 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 02 Nov 2022 08:27 PM IST
सार
न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम ने हाल ही में एक पुलिस उप-निरीक्षक प्रसन्ना गुणसुंदरी की एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। उन्हें 2016 में अपने कर्तव्य में कथित चूक के लिए सेवा से हटा दिया गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को सभी सक्षम अधिकारियों को अधिनियम और लागू नियमों के अनुसार अपनी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए एक परिपत्र जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि शक्तियों के अधिक प्रयोग करने पर अधिकारियों के खिलाफ अनुशासन और अपील नियमों के तहत अभियोजन चलाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम ने हाल ही में एक पुलिस उप-निरीक्षक प्रसन्ना गुणसुंदरी की एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। उन्हें 2016 में अपने कर्तव्य में कथित चूक के लिए सेवा से हटा दिया गया था।
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न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता ने नियमों के तहत संशोधन के उपाय का लाभ उठाने का अवसर खो दिया है। न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि संशोधन का उपाय महत्वपूर्ण है और एक पीड़ित कर्मचारी को नियमों के तहत उसी के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। न्यायाधीश ने कहा कि गृह सचिव यह सुनिश्चित करें कि अधिकारी प्रभावी लोक प्रशासन के लिए सभी परिस्थितियों में लागू कानूनों और नियमों के दायरे में अपनी शक्तियों का प्रयोग करें, जो कि संविधान के तहत जनादेश है।
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पुलिस हिरासत में मौत का मामला सीबीआई को ट्रांसफर नहीं
मद्रास हाई कोर्ट ने इस साल अप्रैल में सचिवालय कॉलोनी पुलिस स्टेशन में वी विग्नेश की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस वी शिवगनम ने कहा, जांच की स्थिति रिपोर्ट के अवलोकन पर मुझे ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली कि सीबीसीआईडी ने जांच को दागी या पक्षपाती तरीके से अंजाम दिया। मेरा मानना है कि वर्तमान मामला इस श्रेणी में नहीं आता है। न्यायाधीश विग्नेश के भाइयों की एक रिट याचिका को खारिज कर रहे थे, जो चाहते थे कि मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा आगे बढ़ाया जाए।
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