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Indian Navy: नौसेना को सौंपी गई कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी यार्ड 11879, समुद्र में और बढ़ी भारत की ताकत
Tue, 20 Dec 2022 03:01 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 20 Dec 2022 03:01 PM IST
सार
पनडुब्बियों का निर्माण मैसर्स नेवल ग्रुप, फ्रांस के सहयोग से मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड मुंबई में किया जा रहा है।
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Kalvari Class submarine Yard 11879
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय नौसेना ने मंगलवार को बताया कि प्रोजेक्ट 75 की पांचवी कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी यार्ड 11879 आज नौसेना को सौंप दी गई। अधिकारियों ने बताया, प्रोजेक्ट 75 के तहत स्कॉर्पीन डिजाइन की छह पनडुब्बियों का स्वदेशी निर्माण शामिल है।
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इन पनडुब्बियों का निर्माण मैसर्स नेवल ग्रुप, फ्रांस के सहयोग से मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड मुंबई में किया जा रहा है। नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि पनडुब्बी को जल्द ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। इससे भारतीय नौसेना की ताकत में और भी इजाफा होगा।
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प्रोजेक्ट 75 क्या है?
आईके गुजराल सरकार ने 25 पनडुब्बियों के अधिग्रहण का फैसला किया था। पी 75 पनडुब्बियों के निर्माण के लिए 30 साल की योजना बनाई गई। 2005 में, भारत और फ्रांस ने छह स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों के निर्माण के लिए 3.75 बिलियन डॉलर के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। भारत में मझगांव डॉक्स शिपबिल्डर्स लिमिटेड और फ्रांस में डीसीएनएस इसका काम देखती है। छह में से पहला, आईएनएस कलवरी, 2017 में निर्धारित समय से पांच साल पीछे कमीशन किया गया था।