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प्रोफेसर ने जनरल डायर से की आर्मी चीफ की तुलना, आलोचना के बीच भी बयान पर अड़े

Tue, 06 Jun 2017 06:20 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Tue, 06 Jun 2017 06:20 PM IST
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Professor partha chatterjee compare general bipin rawat with british general dyer

मशहूर प्रोफेसर प्रार्थ चटर्जी ने आर्मी चीफ बिपिन रावत की तुलना जलिया वाला बाग की घटना को अंजाम देने वाले जनरल डायर से की है। प्रोफेसर ने कश्मीर में पत्‍थरबाज को जीप से बांधने वाले मेजर ‌लितुल गोगोई की प्रशंसा करने पर आर्मी चीफ के बयान से नाराजगी जताते हुए कहा कि कश्मीर में कुछ वैसे ही हालात हैं जैसे अंग्रेजों के दौर में ‌थे। 

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एक अंग्रेजी न्यूज पोर्टल में लिखे अपने आर्टिकल में प्रोफेसर पार्थ चटर्जी ने कहा कि दरअसल कश्मीर में सेना कुछ वैसे ही नये विचार अपना रही है जैसे अंग्रेज अफसर जनरल डायर ने जलियांवाला बाग में आजमाए ‌थे। 
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चटर्जी ने कहा कि जलियावाला बाग में की गई नृशंस कार्रवाई और जम्मू कश्मीर में सेना की कार्रवाई का बचाव बिल्कुल समान घटनाएं हैं। 'इन कश्मीर, इंडिया इज विटनेसिंग इट्स जनरल डायर मोमेंट' शीर्षक से द वायर में प्रकाशित लेख में प्रोफेसर ने लिखा है कि जिस तरह जलियावाला की घटना के बाद जनरल डायर ने खुद को सही ठहराया था उसी तरह अब भारतीय सेना और सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत खुद को सही साबित करना चाहते हैं। दोनों ही घटनाओं में जो सफाई दी गई उनमें बहुत समानता है।

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सोशल मीडिया पर जमकर हो रही प्राेफेसर की आलोचना

Professor partha chatterjee compare general bipin rawat with british general dyer

प्रोफेसर यहीं नहीं रुके उन्होंने यह भी कह डाला कि आज कश्मीर में जल्द वैसे ही हालात हो जाएंगे जैसे पाकिस्तान में जनरल अयूब के समय थे। हालांकि इस मुद्दे पर प्रोफेसर चटर्जी की आलोचना शुरू हुई तो वह अपनी बात पर अड़ गए। 

न्यूज एजेंसी एएनआई ने प्रोफेसर का पक्ष जाना तो उन्होंने साफ कर दिया कि मैंने इतने स्पष्ट तरीके से अपनी बात रखी है इसमें अब कुछ कहने के लिए नहीं है। तमाम अलोचनाओं से बेपरवाह लेखक ने कहा कि मैं अपनी बात से पीछे नहीं हटूंगा। 

बता दें कि प्रोफेसर चटर्जी अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में मानद प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर रहे पार्थ चटर्जी सेंटर फॉर स्टडीज़ इन सोशल साइंस कोलकाता के निदेशक भी रह चुके हैं।

वहीं प्रोफेसर चटर्जी का लेख सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के साथ ही काफी लोगों ने उनकी आलोचना की। हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने चटर्जी को डिफेक्टिव पीस बताते हुए कहा जब पाकिस्तान भारतीय जवानों पर हमला करता है तब इनकी कलम की स्याही सूख जाती है। 

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