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हरियाणा में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी को दिए गए भूमि अधिकार को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

Thu, 19 Sep 2019 07:20 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: आसिम खान Updated Thu, 19 Sep 2019 07:20 PM IST
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Process starts to revoke land rights granted to Robert Vadra company in Haryana
रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

हरियाणा सरकार ने रॉबर्ड वाड्रा की स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को भूमि विकसित करने के लिए दिए गए लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह जमीन बाद में 58 करोड़ रुपये में ‘डीएलएफ’ को हस्तांतरित कर दी गई थी।

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राज्य के शहर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक के. एम पांडुरंग ने बताया कि हरियाणा विकास एवं नियमन और शहरी क्षेत्र अधिनियम, 1975 के प्रावधानों के अनुसार लाइसेंस रद्द करने के लिए प्रक्रियागत औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इन औपचारिकताओं में कॉलोनी विकसित करने वाले को नोटिस देना और अपनी बात रखने का अवसर देना शामिल है।
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उन्होंने कहा, ‘हमें (लाइसेंस) रद्द करने की प्रक्रिया का पालन करना होगा, जो हम कर रहे हैं और औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। हमने उन्हें नोटिस दिया और उनकी बात रखने का अवसर दिया गया। यह काम पूरा हो गया है। हमें अब निर्णय लेना होगा और यह प्रक्रिया जारी है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी इस जमीन के बारे में फैसला जल्द लिया जा सकता है।
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हालांकि, पांडुरंग ने यह जानकारी नहीं दी कि दूसरे पक्ष ने अपनी बात रखने के लिए दिए गए अवसर पर क्या जवाब दिए। उन्होंने कहा कि तत्कालीन महानिदेशक ने भूमि का दाखिल-खारिज निरस्त कर दिया था जिसके कारण भूमि के मालिकाना हक को लेकर कुछ मसले हैं। उल्लेखनीय है कि 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने 2012 में स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी और डीएलएफ के बीच भूमि सौदे का दाखिल खारिज निरस्त कर दिया था।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक साल पहले कहा था कि गुड़गांव सेक्टर 83 में जमीन का लाइसेंस निष्प्रभावी हो गया लगता है। यह जमीन स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को बेची गई थी और बाद में डीएलएफ को हस्तांतरित कर दी गई।


खट्टर ने तब कहा था कि जमीन के लिए लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया। डीएलएफ द्वारा लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए सरकार को भुगतान किए जाने के दावे की खबरों पर पांडुरंग ने कहा, हम देखेंगे कि इस मामले में हम क्या कर सकते हैं।

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