फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Probe panel submits report on Mukroh clash

मुकरोह झड़प मामला: जांच आयोग ने असम सरकार को सौंपी रिपोर्ट, वन रक्षक और ग्रामीणों की हुई थी मौत

Fri, 22 Sep 2023 04:40 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 22 Sep 2023 04:40 PM IST
सार

असम-मेघालय सीमा पर हुई झड़प की जांच के लिए असम सरकार द्वारा गठित एक जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस घटना में छह लोग मारे गए थे।

विज्ञापन
Probe panel submits report on Mukroh clash
मुकरोह गांव - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

असम-मेघालय सीमा पर हुई झड़प की जांच के लिए असम सरकार द्वारा गठित एक जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस घटना में छह लोग मारे गए थे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। 

विज्ञापन

सार्वजनिक नहीं की रिपोर्ट की सामग्री और सिफारिशें
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रूमी कुमारी फुकन की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय आयोग ने असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी। पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के विवादित मुकरोह गांव में 22 नवंबर, 2022 को हुई झड़प पर रिपोर्ट की सामग्री और सिफारिशों को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो बार बढ़ाई गई जांच की अवधि
विज्ञप्ति में कहा गया, जांच पूरी करने की अवधि 22 सितंबर, 2023 तक दो बार बढ़ाई गई। आयोग ने वन के साथ-साथ पुलिस विभाग और विभिन्न संगठनों द्वारा पेश किए गए बड़ी संख्या में गवाहों और दस्तावेजों की जांच की। 

विज्ञापन

हिंसक झड़प में छह लोगों की चली गई थी जान
पिछले साल 22 नवंबर को विवादित स्थान पर असम के वन कर्मियों द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से काटी गई लकड़ी से लदे एक ट्रक को रोके जाने के बाद हिंसा हुई, जिसमें एक वन रक्षक और मेघालय के पांच ग्रामीणों सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। मेघालय के पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के मुकरोह में असम पुलिस-वन सुरक्षा बल की एक संयुक्त टीम और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई।

24 नवंबर को किया गया था जांच आयोग का गठन
असम की तरफ विवादित क्षेत्र खेरोनी वन रेंज के पास मकोइलम गांव में पड़ता है। पूरा संघर्ष क्षेत्र असम और मेघालय के बीच एक विवादित सीमा स्थान के भीतर आता है, जिसने दावा किया कि हत्या उनके संबंधित क्षेत्रों में हुई थी। 24 नवंबर, 2022 को असम सरकार ने घोषणा की कि उसने घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) फुकन की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया है। आयोग से मामले की जांच करने और उसके अनुसार रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीने का समय दिया गया था।
 

दोनों राज्यों के बीच सीमा पर छह क्षेत्रों पर अब भी विवाद 
असम और मेघालय के बीच 884.94 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा से लगे 12 इलाकों में लंबे समय से विवाद है और जिस स्थान पर यह घटना हुई वह उनमें से एक है। दोनों राज्यों ने छह क्षेत्रों में विवादों को समाप्त करने की दिशा में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मार्च 2022 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
 

1972 में असम से अलग राज्य बना था मेघालय
मेघालय को 1972 में असम से अलग कर बनाया गया था और तब से उसने असम पुनर्गठन अधिनियम, 1971 को चुनौती दी है, जिसे असम द्वारा अपनी सीमा के रूप में मान्यता दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed