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New Criminal Law: जांच अधिकारियों को मिलेगा महीने में एक ही बड़ा मामला, नवी मुंबई पुलिस की नई पहल

Tue, 02 Jul 2024 10:36 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 02 Jul 2024 10:36 AM IST
सार

पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में ई-शिकायत की सुविधा भी है। इससे ऐसी संभावना है कि जांच अधिकारियों को मामलों में दबाव का सामना करना पड़ सकता है, जिससे मामले लंबित हो सकते हैं।

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Probe officers to be given one case per month to ensure quality says Navi Mumbai top cop news in hindi
पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र में नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि एक जांच अधिकारी को गुणवत्तापूर्ण जांच के लिए एक महीने में केवल एक ही बड़ा मामला सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी टीम नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के लिए तैयार है।  पुलिस आयुक्त भारंबे ने कहा कि नवी मुंबई पुलिस को मामलों में जांच की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
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पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने कहा, "नवी मुंबई के प्रत्येक पुलिस स्टेशन में जांच अधिकारियों की संख्या 50-60 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है। प्रत्येक पुलिस स्टेशन पर कर्मियों को प्रशिक्षित किया गय। जांच की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक अधिकारी को एक महीने में केवल एक ही बड़ा मामला दिया जाएगा।" 
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नए आपराधिक कानून के लागू होने के बाद अधिकारियों को किया गया प्रशिक्षित
बता दें कि सोमवार से ही देश में नए आपराधिक कानून लागू हो चुके हैं। इस नए कानून ने ब्रिटिश काल के भारतीय दंड संहिता आपराधिक प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ले ली। ने आपराधिक कनून के लागू होने के बाद नवी मुंबई पुलिस ने अपने कर्मियों को प्रशिक्षित करने लगे। 
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मिलिंद भारंबे ने कहा, "नए आपराधिक कानूनों में ई-शिकायत की सुविधा भी है। इससे ऐसी संभावना है कि जांच अधिकारियों को मामलों में दबाव का सामना करना पड़ सकता है, जिससे मामले लंबित हो सकते हैं। ऐसे में अधिकारी किसी मामले में उचित न्याय नहीं कर पाएंगे।" उन्होंने आगे बताया कि मामले की गुणवत्ता जांच के लिए अधिकारियों को अदिक समय की जरूरत होती है।


भारंबे ने बताया कि नवी मुंबई पुलिस ने नए आपराधिक कानून लागू होने से पहल से ही वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह प्रणाली का पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई पुलिस ने यथार्थ' प्रणाली शुरू की है। इसके तहत सबूतों के साथ छेड़छाड़ से बचने के लिए जांच के हिस्से के रूप में पीड़ितों और घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है। इसके अलावा नवी मुंबई पुलिस के पास आई बाइस और आई कार की भी सुविधा है।
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