इशरत मामले की फाइल गायब होने की जांच शुरू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इशरत जहां मुठभेड़ मामले की फाइल गायब होने के मामले में गृह मंत्रालय की शिकायत पर दिल्ली के संसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। आईपीसी की धारा-409 के तहत दर्ज एफआईआर के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
यूपीए-2 के कार्यकाल में हुए विवादित एनकाउंटर के बाद राजनीतिक घमासान मच गया था। इशरत जहां की मां ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए उसकी जांच सीबीआई से कराने और मुआवजे की मांग की थी। इस मामले में केस दर्ज होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव के आसार बढ़ गए हैं।
माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस उस समय गृह मंत्रालय में तैनात रहे अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है। 15 जून 2004 को अहमदाबाद में गुजरात पुलिस ने इशरत जहां और उसके तीन साथी जावेद शेख, अमजद अली और जिशान जोहर को आतंकी बताकर मुठभेड़ के बाद मार गिराया था। इसके बाद इशरत की मां शमीमा कौसर ने मुठभेड़ को फर्जी बताकर हाईकोर्ट में अर्जी देकर पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।
मार्च 2016 में मिली थी जानकारी
मार्च 2016 में मिली थी जानकारी
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से गृह मंत्रालय के जरिये अगस्त और सितंबर 2009 में दो हलफनामे दायर किए गए थे। इसी साल मार्च में जांच के दौरान पता चला कि इशरत जहां एनकाउंटर मामले की जांच से जुड़ी फाइल से पांच बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हैं। इससे खलबली मच गई।
अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए गए। 15 जून को अतिरिक्त सचिव की रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई। गृह मंत्रालय के अपर सचिव वी.के उपाध्याय की शिकायत पर 22 सितंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।