फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Priyanka Gandhi wrote letter to PM Modi over farm law repeal

कृषि कानून: प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, लखीमपुर खीरी के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग

Sat, 20 Nov 2021 10:33 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Sat, 20 Nov 2021 10:33 AM IST
सार

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया। साथ ही पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा कि लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। 

विज्ञापन
Priyanka Gandhi wrote letter to PM Modi over farm law repeal
प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव - फोटो : ANI

विस्तार

कृषि कानूनों की वापसी पर सियासत जारी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक तरफ केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर लखीमपुर खीरी कांड में पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लखनऊ में हैं और मैंने उन्हें पत्र लिखकर लखीमपुर खीरी मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। प्रियंका ने पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा है। 

विज्ञापन


उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी को लखनऊ में डीजीपी और आईजी के सम्मेलन में शामिल नहीं होना चाहिए। मैंने उन्हें इस बारे में लिखा है। अगर उन्हें वास्तव में किसानों की चिंता है, तो उन्हें गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के साथ मंच साझा नहीं करना चाहिए, जिनका बेटा लखीमपुर खीरी मामले में आरोपी है।
विज्ञापन


प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर तंज
प्रियंका गांधी ने कहा कि लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी के पिता के साथ पीएम और योगी मंच साझा कर रहे हैं। लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ितों को न्याय कब मिलेगा। इससे पहले शुक्रवार को पीएम द्वारा कृषि कानून वापस करने की घोषणा के बाद प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर तंज कसा था। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा था कि चुनाव में हार दिखने लगी तो इस देश की सच्चाई समझ में आ गई। प्रियंका गांधी ने ट्वीट के जरिए केंद्र सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दीं। प्रियंका ने कहा था कि चुनाव में हार दिखने लगी तो आपको अचानक इस देश की सच्चाई समझ में आने लगी - कि यह देश किसानों ने बनाया है, यह देश किसानों का है, किसान ही इस देश का सच्चा रखवाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा 600 से अधिक किसानों की शहादत, 350 से अधिक दिन का संघर्ष, नरेंद्र मोदी जी आपके मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचल कर मार डाला, आपको कोई परवाह नहीं थी। आपकी पार्टी के नेताओं ने किसानों का अपमान करते हुए उन्हें आतंकवादी, देशद्रोही, गुंडे, उपद्रवी कहा, आपने खुद आंदोलनजीवी बोला..उनपर लाठियां बरसाईं, उन्हें गिरफ्तार किया। 

ये भी पढ़ें: कृषि कानून: देश के 32 किसान संगठनों की अहम बैठक आज, आंदोलन पर ले सकते हैं बड़ा फैसला


राहुल गांधी ने किसानों को लिखी चिट्ठी

वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के वापस लेने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद किसानों को चिट्ठी लिखी। उन्होंने लिखा, 'मेरे प्यारे अन्नदाताओं, आपके तप, संघर्ष और बलिदान के दम पर मिली ऐतिहासिक जीत की बहुत-बहुत बधाई। मैं आपके इस संघर्ष में 700 से अधिक किसान-मजदूर भाई-बहनों द्वारा दी गई कुर्बानी के लिए नतमस्तक हूं।' कृषि कानूनों की वापसी के एलान के बाद कांग्रेस शनिवार को विजय दिवस मना रही है। देशभर में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सभाएं और रैली कर रहे हैं। 

सिद्धरमैया ने कर्नाटक सरकार से दो कृषि कानूनों को निरस्त करने को कहा
इस बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार को केंद्र सरकार से प्रेरणा लेकर राज्य में एपीएमसी (संशोधन) कानून और कर्नाटक भूमि सुधार (संशोधन) कानून को तुरंत निरस्त कर देना चाहिए। सिद्धरमैया ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य सरकार भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा किसानों पर थोपे गए तीन काले कानूनों के पक्ष में थी, जिसने अब तीन कानूनों को निरस्त कर अपने पापों का प्रायश्चित किया है। अब राज्य में भाजपा सरकार की बारी है।’’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed