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हो गया फाइनल, यूपी में अब सबसे बड़ा दांव खेलेगी कांग्रेस
शादाब रिजवी/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Jul 2016 09:00 AM IST
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सब कुछ ठीक रहा तो ईद के बाद यूपी के कांग्रेसियों की एक और ईद का जश्न मनाना मुमकिन है। दरअसल, यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद के सोमवार को सोनिया गांधी से मिलने के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी मुतमईन है कि जुलाई के अंत तक प्रियंका को सूबे के चुनाव प्रचार की कमान सौंप दी जाएगी।
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यूपी में फतह के लिए ज्यादातर कांग्रेसी प्रियंका गांधी को मुख्य चेहरे के तौर पर पेश करने की मांग करते रहे हैं। इस बहस ने जोर तब पकड़ा जब प्रदेश प्रभारी बने गुलाम नबी आजाद ने भी राहुल और सोनिया के क्षेत्र से बाहर प्रचार करने की बात प्रियंका के बारे में कहीं।
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इसी बीच गुलाम नबी आजाद इस मुद्दे को लेकर कई बार खुद प्रियंका और कई बार सोनिया गांधी से मिल चुके हैं। सोमवार को ही आजाद ने सोनिया से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद कांग्रेस के खेमे में दिनभर हलचल रही कि ईंद बाद प्रियंका के नाम का एलान कभी भी संभव है।
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क्या राहुल फेल और प्रियंका पास?
राहुल गांधी
- फोटो : pti
हालांकि कांग्रेस का एक एक खेमा इस बात को लेकर परेशान है कि राहुल गांधी का चेहरा सामने रखकर दो चुनाव पार्टी लड़ चुकी है, लेकिन अपेक्षित कामयाबी नहीं मिली। इसलिए अगर प्रियंका गांधी के मुख्य चेहरा पेश करने के बाद पार्टी को कामयाबी मिलती है तब राहुल विरोधी माहौल विरोधी बना सकते है।
राहुल को फेल और प्रियंका को पास बताया जाएगा। ऐसा होना राहुल गांधी के लिए बेहतर नहीं होगा। हालांकि इस कयास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने साफ कहा कि अगर पार्टी प्रियंका गांधी को यूपी में चेहरा पेश करेगी उससे राहुल गांधी की छवि पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस अब लगातार मजबूत होगी।
साथ ही जयराम रमेश ने कहा कि प्रियंका कब मुख्य भूमिका में आएगी जब तह होगा उसका खुलासा पार्टी स्तर से पहले ही कर दिया जाएगा। उम्मीद हमेशा की जानी चाहिए।
प्रशांत का प्रोजेक्ट बढने लगा आगे
पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सुझावों पर कांग्रेस में एक तरह से अमल शुरू हो गया है। पार्टी को मजबूत करने के लिए उनका प्रोजेक्ट आगे बढने लगा है। प्रशांत चाहते हैं कि मुस्लिम, दलित, और ब्राह्म्ण के गठजोड़ के साथ प्रियंका का सहारा मिले। मुस्लिम चेहरा प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद को बना दिया गया।
अब प्रियंका का नाम भी लगभग फाइनल हो ही गया है। प्रदेशाध्यक्ष पद पर ब्राह्मण और विधान मंडल दल के नेता के तौर पर दलित चेहरे को पेश करने की बात काफी दिन से चर्चा रही है।
राहुल को फेल और प्रियंका को पास बताया जाएगा। ऐसा होना राहुल गांधी के लिए बेहतर नहीं होगा। हालांकि इस कयास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने साफ कहा कि अगर पार्टी प्रियंका गांधी को यूपी में चेहरा पेश करेगी उससे राहुल गांधी की छवि पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस अब लगातार मजबूत होगी।
साथ ही जयराम रमेश ने कहा कि प्रियंका कब मुख्य भूमिका में आएगी जब तह होगा उसका खुलासा पार्टी स्तर से पहले ही कर दिया जाएगा। उम्मीद हमेशा की जानी चाहिए।
प्रशांत का प्रोजेक्ट बढने लगा आगे
पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सुझावों पर कांग्रेस में एक तरह से अमल शुरू हो गया है। पार्टी को मजबूत करने के लिए उनका प्रोजेक्ट आगे बढने लगा है। प्रशांत चाहते हैं कि मुस्लिम, दलित, और ब्राह्म्ण के गठजोड़ के साथ प्रियंका का सहारा मिले। मुस्लिम चेहरा प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद को बना दिया गया।
अब प्रियंका का नाम भी लगभग फाइनल हो ही गया है। प्रदेशाध्यक्ष पद पर ब्राह्मण और विधान मंडल दल के नेता के तौर पर दलित चेहरे को पेश करने की बात काफी दिन से चर्चा रही है।