फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Privatization of railways will be the biggest challenge for new railway minister Dr Ashwini Vaishnav

नई जिम्मेदारी: वाजपेयी के समय में ट्रिपल-पी मॉडल को गति देने वाले वैष्णव के सामने रेलवे का निजीकरण होगा चुनौती

Thu, 08 Jul 2021 01:05 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 08 Jul 2021 01:05 PM IST
सार

रेलवे मंत्रालय में वैष्णव की एंट्री ऐसे समय में हुई है जब भारतीय रेलवे की आमदनी को बढ़ाए जाने के तरीकों पर विचार किया जा रहा है। रेलवे के विकास के लिए भी पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप मॉडल पर जोर दिया जा रहा है। रेलवे की योजना है कि वह कई चरणों में निजी ट्रेनें लॉन्च करेगी...

विज्ञापन
Privatization of railways will be the biggest challenge for new railway minister Dr Ashwini Vaishnav
डॉ अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद अब जिन मंत्रियों को नई ज़िम्मेदारी मिली है, उन्होंने गुरुवार सुबह से ही अपना कार्यभार संभालना शुरू कर दिया है। नए रेलमंत्री डॉ. अश्विनी वैष्णव भी सुबह नौ बजे रेलभवन पहुंचे और उन्हें अपना कामकाज संभाला। वहीं दोपहर में रेल राज्यमंत्री दर्शना विक्रम जरदोश और दानवे रावसाहेब दादाराव ने भी अपना पद संभाल लिया है।

विज्ञापन

 
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, 'मैं सबसे पहले पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है। रेलवे पीएम के विजन में बहुत बड़ा हिस्सा है। पीएम का विजन रहा है कि रेलवे के जरिए आम लोगों की जिंदगी में बदलाव लाया जाए। इससे आम आदमी, किसान, गरीब सभी को फायदा मिलना चाहिए। मैं उनके विजन को पूरा करने के लिए काम करूंगा।'
विज्ञापन


रेलवे मंत्रालय में वैष्णव की एंट्री ऐसे समय में हुई है जब भारतीय रेलवे की आमदनी को बढ़ाए जाने के तरीकों पर विचार किया जा रहा है। रेलवे के विकास के लिए भी पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप मॉडल पर जोर दिया जा रहा है। रेलवे की योजना है कि वह कई चरणों में निजी ट्रेनें लॉन्च करेगी। पहले फेज में साल 2023-24 में जहां ऐसी दर्जन भर ट्रेनें चलाई जाएंगी, तो वहीं साल 2027 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 151 तक की जाएगी। शुरुआती बैठकों में बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्टेशन इंडिया, सीमेंस लिमिटेड, एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड उन 23 कंपनियों में शामिल हैं, जिन्होंने प्राइवेट ट्रेनों के संचालन में रूचि दिखाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के साथ काम कर चुके हैं वैष्णव

मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले अश्विनी वैष्णव 1994 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। अश्विनी वैष्णव ने आईएएस अधिकारी रहते हुए कई शानदार काम किए थे। इसके बाद उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया था। यहां उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का खाका तैयार किया था। इसके बाद जब अटल जी की सरकार चली गई, तब वैष्णव उनके निजी सचिव के तौर पर काम देखने लगे थे।

वैष्णव का गुजरात कनेक्शन

आईआईटी ग्रैजुएट वैष्णव ने साल 2008 में नौकरी छोड़ दी और वह अमेरिका की वॉर्टन यूनिवर्सिटी चले गए, जहां से उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की। कई जानी-मानी कंपनियों में काम करने के बाद वह देश वापस लौटे और गुजरात में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खोली। इसके बाद उन्होंने जनरल इलेक्ट्रिक और सिमेन्स जैसी कंपनियों में भी शीर्ष पदों पर काम किया। इसी साल अप्रैल में उन्हें भारतीय प्रेस परिषद का सदस्य नामित किया गया था।

निर्विरोध चुने गए राज्यसभा सांसद

एक उद्यमी होने के साथ ही वह राजनीति से भी जुड़े रहे। वैष्णव 28 जून 2019 को हुए राज्यसभा चुनाव से सिर्फ छह दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने ओडिशा से भाजपा के टिकट पर राज्यसभा का चुनाव जीत कर सबको सकते में डाल दिया था क्योंकि पार्टी के पास विधायकों की संख्या इतनी नहीं थी कि वह चुनावों में जीत हासिल सकें।

भाजपा में होने के बावजूद उन्हें राज्यसभा चुनाव में ओडिशा के सीएम और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक का समर्थन हासिल था। बीजेडी के भीतर कई नेताओं ने इसकी आलोचना की थी। आरोप लगाए गए कि पटनायक पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में झुक गए और वैष्णव का समर्थन कर दिया। बीजेडी के समर्थन के बाद वे निर्विरोध चुने गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed