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कॉल ड्राप से बचने के लिए निजी मोबाइल सिग्नल बूस्टर लगाना अवैध
Tue, 22 Jan 2019 02:20 AM IST
गौरव द्विवेदी
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 22 Jan 2019 02:20 AM IST
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कॉल ड्राप से बचने के लिए अगर घर या ऑफिस में आपने मोबाइल सिग्नल बूस्टर लगाया है, तो सावधान हो जाइए। दूरसंचार मंत्रालय के अनुसार निजी तौर पर बूस्टर लगाना पूरी तरह से अवैध है। यह नेटवर्क प्रभावित करता है, जो दूसरों के लिए परेशानी का सबब बनता है। अब तक 100 से भी ज्यादा बूस्टर जब्त किए जा चुके हैं, जबकि डेढ़ सौ के करीब मामलों में नोटिस जारी किया जा चुका है।
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टेलीकॉम विशेषज्ञों की माने तो टेलीकॉम कंपनियां जो बूस्टर लगाती हैं वह उनकी नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी के मुताबिक होता है, जबकि निजी तौर पर लगाए गए बूस्टर सभी नेटवर्क को प्रभावित करते हैं। टेलीकॉम विशेषज्ञ अरुण सहगल और रामानुज ने बताया कि निजी बूस्टर दूसरों के नेटवर्क पर असर डालते हैं। दूरसंचार विभाग के मुताबिक, पूरे देश में बूस्टर लगाने के खिलाफ कदम उठाया गया है, सिर्फ टेलीकॉम कंपनियों की ओर से ही बूस्टर लगाया जा सकता है।
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विभाग के अनुसार बूस्टर लगाने की प्रक्रिया लाइसेंस के तहत है, क्योंकि यह पूरी तरह से तकनीक से जुड़ा मसला है। ऐसे में उन्हें कुछ विशिष्ट स्थानों पर नेटवर्क में सुधार लाने की छूट है। अगर कोई नेटवर्क बेहतर करने के लिए स्वत: बूस्टर लगाता है तो यह नियमों के खिलाफ और अवैध है।
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चीन में बना बूस्टर बेच रही हैं कंपनियां
दूरसंचार विभाग ने चीन में निर्मित बूस्टर बेच रही ई-कॉमर्स कंपनियों को चेतावनी जारी किया है। इसके बावजूद कई बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां धड़ल्ले से बूस्टर बेच रही हैं, जिसके लिए विभाग ने वाणिज्य मंत्रालय से भी संपर्क साधा है। आनलाइन ऐसे बूस्टर चार हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक बिक रहे हैं। विभाग इसको लेकर काफी सख्त है, क्योंकि कॉल ड्राप की समस्या का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक कर चुके हैं। ऐसे में कॉल ड्राप की वजह बन रहे तमाम कारणों पर विभाग काम कर रहा है।