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रियो के दयनीय प्रदर्शन को देखते हुए बंद होगी शूटरों की प्राइवेट कोचिंग
हेमंत रस्तोगी/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Sep 2016 03:10 AM IST
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- फोटो : pic as demo
रियो ओलंपिक के लिए देश के टॉप शूटरों की अपने निजी प्रशिक्षकों के संरक्षण में निजी तैयारियों की परंपरा से नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) तौबा करने जा रहा है। एनआरएआई की गवर्निंग बॉडी ने शूटरों के रियो ओलंपिक में दयनीय प्रदर्शन के लिए निजी कोचिंग को जिम्मेदार माना है। गवर्निंग बॉडी ने रविवार को ओलंपिक, एशियाई खेल जैसे बड़े आयोजनों से पहले इस परंपरा को बंद करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। एनआरएआई की ओर से तैयार की जा रही नई नीति में इसे जगह दी जाएगी।
रियो में एनआरएआई के अध्यक्ष रणइंदर सिंह ने भी कहा था कि उन्हें लगता है कि शूटरों की ओर से की गई निजी तैयारियां खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार है। रविवार को जब फेडरेशन की गवर्निंग बॉडी रियो के प्रदर्शन पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुई तो सभी ने ध्वनिमत से इसे स्वीकार किया कि नेशनल कैंप में एक साथ की गई तैयारियां रियो में अलग रंग दिखा सकती थीं। आगे से नेशनल कैंप की ट्रेनिंग को ही वरीयता दी जाएगी। यही नहीं फैसला यह भी लिया गया है कि आगे से किसी भी बड़े खेल आयोजन में शूटरों के निजी प्रशिक्षकों को दल का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।
इस बार रियो में गगन नारंग, अपूर्वी चंदेला, चैन सिंह के निजी कोच लैपिडस, अभिनव बिंद्रा के निजी कोच हींज रेंकिनमायर, हीना सिद्धू के निजी कोच रौनक पंडित, आयोनिका पॉल की निजी कोच सुमा शिरूर दल का हिस्सा थीं।एनआरएआई के डायरेक्टर बीएस सेठी का कहना है कि गवर्निंग बॉडी निजी कोचिंग और निजी प्रशिक्षकों को साथ ले जाने के हक में नहीं है। आगे से नेशनल कैंप की तैयारियों को प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही कैंप में शामिल भारतीय प्रशिक्षकों के अलावा विदेशी प्रशिक्षकों पर अच्छे और बुरे प्रदर्शन की जिम्मेदारी होगी।
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रियो गए शूटरों से मांगे सवालों के जवाब
एनआरएआई रियो के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए अभिनव बिंद्रा की अगयुवाई में रीव्यू कमेटी का गठन कर चुकी है। इस कमेटी ने रियो गए सभी शूटरों को प्रश्नों की सूची भेजी है। शूटरों से जल्द से जल्द इन सवालों के जवाब और निकट भविष्य में अच्छे प्रदर्शन के लिए सुझाव मांगे हैं। शूटरों से पूछि गए प्रश्नों में अगली ओलंपिक साइकिल में वह क्या अलग कर सकते हैं? अपनी पिछले चार सालों के प्रदर्शन की समीक्षा? पिछले दो वर्षों के दौरान की गई अपनी प्रगति को किस तरह आंकेंगे? वर्तमान ढांचे में क्या खामियां हैं? जैसे 11 सवालों के जवाब मांगे गए हैं।
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रियो में एनआरएआई के अध्यक्ष रणइंदर सिंह ने भी कहा था कि उन्हें लगता है कि शूटरों की ओर से की गई निजी तैयारियां खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार है। रविवार को जब फेडरेशन की गवर्निंग बॉडी रियो के प्रदर्शन पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुई तो सभी ने ध्वनिमत से इसे स्वीकार किया कि नेशनल कैंप में एक साथ की गई तैयारियां रियो में अलग रंग दिखा सकती थीं। आगे से नेशनल कैंप की ट्रेनिंग को ही वरीयता दी जाएगी। यही नहीं फैसला यह भी लिया गया है कि आगे से किसी भी बड़े खेल आयोजन में शूटरों के निजी प्रशिक्षकों को दल का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।
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इस बार रियो में गगन नारंग, अपूर्वी चंदेला, चैन सिंह के निजी कोच लैपिडस, अभिनव बिंद्रा के निजी कोच हींज रेंकिनमायर, हीना सिद्धू के निजी कोच रौनक पंडित, आयोनिका पॉल की निजी कोच सुमा शिरूर दल का हिस्सा थीं।एनआरएआई के डायरेक्टर बीएस सेठी का कहना है कि गवर्निंग बॉडी निजी कोचिंग और निजी प्रशिक्षकों को साथ ले जाने के हक में नहीं है। आगे से नेशनल कैंप की तैयारियों को प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही कैंप में शामिल भारतीय प्रशिक्षकों के अलावा विदेशी प्रशिक्षकों पर अच्छे और बुरे प्रदर्शन की जिम्मेदारी होगी।
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रियो गए शूटरों से मांगे सवालों के जवाब
एनआरएआई रियो के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए अभिनव बिंद्रा की अगयुवाई में रीव्यू कमेटी का गठन कर चुकी है। इस कमेटी ने रियो गए सभी शूटरों को प्रश्नों की सूची भेजी है। शूटरों से जल्द से जल्द इन सवालों के जवाब और निकट भविष्य में अच्छे प्रदर्शन के लिए सुझाव मांगे हैं। शूटरों से पूछि गए प्रश्नों में अगली ओलंपिक साइकिल में वह क्या अलग कर सकते हैं? अपनी पिछले चार सालों के प्रदर्शन की समीक्षा? पिछले दो वर्षों के दौरान की गई अपनी प्रगति को किस तरह आंकेंगे? वर्तमान ढांचे में क्या खामियां हैं? जैसे 11 सवालों के जवाब मांगे गए हैं।