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23 जनवरी को दिए जाएंगे प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, राष्ट्रपति कोविंद करेंगे सम्मानित

Tue, 21 Jan 2020 02:22 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Tue, 21 Jan 2020 02:22 AM IST
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Prime Minister National Children Award will be given on 23 January
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

इस बार लगातार दूसरी बार 26 बच्चों को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) ही बहादुर बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कारों (पीएमएनसीपी-2020) से सम्मानित करेगा। दो श्रेणियों में मिलने वाले अवार्ड में चुने गए प्रत्येक बच्चें को एक लाख दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। जबकि संस्थाओं को 5 लाख तक का पुरस्कार दिया जाएगा। 23 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इन बच्चों को सम्मानित करेंगे।

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डब्ल्यूसीडी ने 2019 में स्वयं सेवी संस्था इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर को वित्तीय अनियमितताओं के चलते पुरस्कार प्रक्रिया से अलग कर दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने संस्था के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। मंत्रालय ने संस्था को बच्चों का चयन न करने की भी सलाह दी थी।
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पिछले साल भी मंत्रालय ने स्वयं इसका जिम्मा लिया था। जिसमें मंत्रालय इस साल रिवाइज्ड गाइडलाइन के साथ बच्चों का चयन किया। मंत्रालय के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार कुल 26 बच्चों को पुरस्कारों के लिए चुना गया है। इसमें तीन लड़कियां हैं, जिसमें दो लड़कियों ने अपनी कम आयु में ही देश का नाम दुनिया के परचम पर बुलंद किया है इसलिए मंत्रालय ने इन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना है।
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पीएमएनसीपी-2020 में दो श्रेणियों में विभाजित पुरस्कारों में बाल शक्ति पुरस्कार (जिसे पहले राष्ट्रीय बाल अवार्ड कहा जाता था) में 5 साल से बड़े और 18 साल तक के बच्चों को सामाजिक सेवा, कला, इनोवेशन, खेल-कूद, स्कूल संबधी कार्यों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम करने वाले कार्यों के लिए, आर्ट और कल्चर तथा असाधारण बहादुरी सरीखी छह श्रेणियों में पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें प्रत्येक पुरस्कृत होने वाले बच्चे को एक लाख दस हजार का इनाम मिलेगा।

इसके अलावा बाल कल्याण पुरस्कार (जिसे पहले राष्ट्रीय बाल विकास अवार्ड कहा जाता था) में दो श्रेणियां होंगी इसमें व्यक्तिगत तौर पर तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। इसमें सात साल से अधिक और 18 साल तक के बच्चों को बाल विकास, बाल कल्याण और बाल संरक्षण की श्रेणी में पुरस्कृत किया जाएगा।

इन पुरस्कारों में प्रत्येक पुरस्कृत बच्चे को एक लाख रुपये नकद और 10 हजार रुपये किताबों के वाउचर दिए जाएंगे। संस्था स्तर पर दस साल से अपने स्तर से बच्चों के कल्याण के क्षेत्र में असाधारण कार्य के लिए तीन संस्थाओं को पाच लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।

यह बच्चे गणतंत्र दिवस परेड का आकर्षण होंगे। इनके आने-जाने और रहने-खाने की जिम्मेदारी भी इस बार मंत्रालय अपने स्तर पर संभाल रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की अधिकारिक प्रवक्ता के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार इस पुरस्कार प्रक्रिया को अगस्त 2029 से शुरु हुई थी।

बच्चों को पुरस्कार के लिए नामित करने वाली समिति में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी की अध्यक्षता थी। इसके अलावा चार स्थायी सदस्यों में डब्ल्यूसीडी के सचिव, संयुक्त सचिव  के अलावा विभिन्न मंत्रालयों जिसमें तकनीक से लेकर शिक्षा, साइंस, कल्चर, गृहमंत्रालय तथा सुरक्षा एवं डिफेंस मंत्रालय के सचिव भी शामिल है।

मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार के पुरस्कार का आकर्षण अमेरिका के फीनिक्स में हुए साइंस मेले में अपनी प्रतिभा का जादू बिखरने वाली  कर्नाटक के बेल्थागंडी की मूरजी को बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उसके पिता विवेकानंद अपना कारोबार करते हैं।


इसी क्रम में रोलर स्केटिंग में हाल ही में देश के लिए स्वर्ण पदक समेत अब तक 65 अवार्ड जीतने वाली आंध्र प्रदेश की अकुला सांई संहिथा को भी बाल शक्ति पुरस्कार और अपने दम पर बाल सुधारों के लिए काम कर रही स्वयं सेवी संगठन चलाने वाली सुकरीति चिरिपाल को बाल कल्याण पुरस्कार से पांच लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।    

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