सफलता का मंत्र: पीएम मोदी ने 'आईपीएस' प्रोबेशनरी अधिकारियों को बताया 'शह और मात' के खेल में जीत का राज
प्रधानमंत्री ने सभी परिवक्षाधीन अधिकारियों से कहा, उत्साही युवा अधिकारी पुलिस में फिटनेस सिस्टम को गंभीरता से लागू कर सकते हैं। जब कोई राष्ट्र विकास के पथ पर आगे बढ़ता है तो देश के बाहर से भी और भीतर से भी चुनौतियां बढ़ती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दांडी यात्रा के हवाले से कहा, अगर साधन न्यायपूर्ण हैं तो भगवान भी साथ देते हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 'आईपीएस' के 144 परिवक्षाधीन अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए उन्हें जीत का मंत्र दिया है। उन्होंने कई महिला एवं पुरुष अधिकारियों के साथ बातचीत की। अमरावती 'महाराष्ट्र' के गौरव राय, जिन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला है, उनसे बात करते हुए पीएम ने उनके खेल के बारे में पूछा। मालूम हुआ कि गौरव राय 'शतरंज' अच्छा खेल लेते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, शह और मात के खेल में आपको जीतना ही है। अपराध को काबू करने में शतरंज कारगर है। पीएम ने जब शतरंज की विशेषता पूछी तो गौरव ने कहा, इसमें 'स्ट्रेटजी और टैक्टिक्स' दोनों साथ रहती हैं। अगर इनमें बेहतर समन्वय है तो ऑपरेशन में सफलता मिलती है। सफल ऑपरेशन वही होता है, जिसमें कम हानि के साथ दुश्मन को ज्यादा से ज्यादा रोका जा सके। पीएम मोदी ने इस पर कहा, माओवादी हिंसा को कम करने का प्रयास हो रहा है। सरकार 'विकास और विश्वास' का पुल बना रही है।
महिला अधिकारी से कहा, सप्ताह में एक घंटा लड़कियों के बीच रहें...
सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके गौरव राय से पीएम मोदी ने कहा, आपको छत्तीसगढ़ में पोस्टिंग मिली है, वहां के जनजाति क्षेत्र के विकास को भी ध्यान में रखना है। माओवाद में आपकी भूमिका अहम है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए जब पीएम ने सुझाव मांगा तो गौरव राय ने जवाब दिया, विकास ही नक्सलवाद को खत्म करने का एकमात्र रास्ता है। हरियाणा की रहने वाली रणजीता शर्मा, जिन्हें राजस्थान कैडर अलॉट हुआ है, उनसे पीएम ने पूछा, आपने अभी तक की ट्रेनिंग में क्या सीखा है। रणजीता ने 'संयम' की बात कही। आज अपने देश के नागरिकों को इसका सामना करना पड़ रहा है। सरदार पटेल ने कहा था, जिस क्षण पुलिस अधिकारी संयम खो देता है, वह पुलिस बनने का अधिकार खो देता है। पुलिस अधिकारी के पास धैर्य, संयम और साहस का होना जरूरी है।
पीएम ने कहा, रणजीता आपने हर जगह अपना सिक्का जमाया है। बेटी बदलाव का प्रतीक है। रणजीता बोली, मैं अपने चयन के बाद आसपास के बच्चों से बात करती थी। खासतौर पर लड़कियों के बीच जब पहुंचती थी तो वे एक रोल मॉडल की तरह मुझे देखते थे। पीएम ने रणजीता को सलाह दी कि वे सप्ताह में एक घंटा किसी गर्ल स्कूल में जाएं। वहां लड़कियों से बात करें। किसी खुले बगीचे में लड़कियों की एक क्लास लें। इससे बेहतर पुलिसिंग और जन संचार में बहुत मदद मिलेगी।
आप डेंटिस्ट हो तो आपने दांत खट्टे करने का विकल्प क्यों चुना: पीएम
पंजाब के गुरदासपुर की रहने वाली डॉ. नवजोत सिम्मी ने डेंटल में पढ़ाई की है। उन्हें आईपीएस में बिहार कैडर अलॉट हुआ है। पीएम ने पूछा, आप तो डेंटिस्ट हैं, इसके बावजूद आपने दुश्मनों के दांत खट्ट करने का विकल्प क्यों चुना। डॉ. नवजोत ने कहा, मैं बड़े प्लैटफॉर्म पर योगदान देना चाहती हूं। पीएम ने उन्हें सलाह दी कि आप बेटियों की नई पीढ़ी को प्रेरित करें। उन्हें आगे बढ़ने का सुझाव दें। नवजोत ने पीएम को बताया, मैंने निश्चय किया है कि फील्ड में तैनाती के दौरान महिलाओं की शिक्षा के लिए कुछ करना है। प्रधानमंत्री ने कहा, पुलिसिंग सिस्टम में महिलाओं का आना उसे मजबूती प्रदान करता है। न तो डरना है और न ही किसी को डराना है। पुलिस को समावेशी और संवेदनशील बनाए रखना है।
पीएम बोले, पुलिस सेवा से ओलंपिक की तैयारी करानी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु निवासी रोहण जगदीश, जिन्हें कर्नाटक कैडर मिला है, से पूछा, आपने हिंदी कहां सीखी। रोहण बोले, आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान हिंदी सीखने का मौका मिला है। मेरे पिता कर्नाटक पुलिस में एसआई भर्ती हुए थे और 37 साल बाद एसपी के पद से रिटायर हुए हैं। पीएम ने पूछा, क्या ट्रेनिंग मुश्किल लगी। रोहण ने कहा, नहीं। चूंकि मेरे पिता पुलिस में रहे हैं, इसलिए दिक्कत नहीं आई। जब मैं आईपीएस ट्रेनिंग अकादमी में पहुंचा तो मुझे वहां पढ़ने को मिला कि हम सब में एक शिल्प है। उससे हम बेहतर कर सकते हैं। पीएम ने पूछा, ट्रेनिंग सिस्टम को बेहतर कैसे बना सकते हैं तो परिवक्षाधीन आईपीएस रोहण बोले, मैं इस व्यवस्था से खुश हूं। पीएम ने उन्हें सलाह दी कि पुलिस सेवा से ओलंपिक की तैयारी भी कराएं। इससे जवानों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी और उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। रोहण ने पीएम की बात स्वीकार करते हुए कहा, मैंने इसे ट्रेनिंग के दौरान ही नहीं, बल्कि अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। साथियों और सहयोगियों को भी उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रेरित करता रहूंगा। प्रधानमंत्री ने सभी परिवक्षाधीन अधिकारियों से कहा, उत्साही युवा अधिकारी पुलिस में फिटनेस सिस्टम को गंभीरता से लागू कर सकते हैं। जब कोई राष्ट्र विकास के पथ पर आगे बढ़ता है तो देश के बाहर से भी और भीतर से भी चुनौतियां बढ़ती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दांडी यात्रा के हवाले से कहा, अगर साधन न्यायपूर्ण हैं तो भगवान भी साथ देते हैं।