भगवद गीता : पीएम मोदी ने लॉन्च किया किंडल वर्जन, कहा - युवाओं को इसे जरूर पढ़ना चाहिए
- स्वामी चिद्भवानंद की भगवद गीता का किंडल वर्जन लॉन्च
- पीएम मोदी ने कहा - भगवद गीता हमें विचार करने के लिए प्रेरणा देती है
- पीएम मोदी ने देश के युवाओं से गीता पढ़ने की अपील भी की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वामी चिद्भवानंद की भगवद गीता का किंडल वर्जन लॉन्च किया है। इस लॉन्च के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवद गीता हमें विचार करने के लिए प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गीता हमें कुछ नया करने की प्रेरणा देती है।
पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि भगवद गीता उन विचारों का संयुक्त रूप है जो आपको विषाद से लेकर विजय तक ले जाता है। उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी हो या लोकमान्य तिलक, हर कोई भगवद गीता से प्रभावित रहा है। अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि गीता आपको ताकत देती है।
The Gita makes us think. It inspires us to question. It encourages debate and keeps our minds open. Anybody who is inspired by Gita will always be compassionate by nature and democratic in temperament: PM Modi at launch of kindle version of Swami Chidbhavananda's Bhagavad Gita pic.twitter.com/NHsXVdXtBC
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 11, 2021
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एक आर्टिकल में भगवद गीता से कोरोना काल को जोड़कर देखा गया। इसमें डॉक्टरों को अर्जुन बताया गया और अस्पतालों को युद्धस्थली के तौर पर दर्शाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं देश के युवा से अपील करता हूं कि वो गीता को पढ़ें। गीता आपको जिंदगी में मुश्किलों से जूझने में मदद करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब दुनिया को दवाई चाहिए थी, तब भारत ने उतना किया, जितना वो कर सकता था। भारत पर इस बात पर गर्व करना चाहिए कि स्वदेशी वैक्सीन दुनियाभर में भेजी जा रही हैं। यही हमें गीता सिखाती है। हम समझते हैं कि आत्मनिर्भर भारत दुनिया के लिए अच्छा है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के उपदेश भी लोगों को इसी तरह प्रभावित करते थे। बता दें कि तमिलनाडु के श्री रामकृष्ण तपोवनम आश्रम के फाउंडर स्वामी चिद्भवानंद के भक्तों की संख्या बहुत ज्यादा है। उनकी 186 से ज्यादा किताबें अलग-अलग फॉर्मेट में छप चुकी हैं।