पीएम मोदी ने ई-बुक 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' की लॉन्च, कहा- इस क्षेत्र में 82 अरब डॉलर के निवेश की योजना
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैरीटाइम इंडिया समिट 2021 का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए किया। इस कार्यक्रम में 50 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया और 1.17 लाख से ज्यादा प्रतिभागी ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। इस शिखर सम्मेलन भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाने वाला है। इस शिखर का आयोजन बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से किया जा रहा है। यह शिखर तीन दिन तक चलेगा। यहां इस शिखर से जुड़े सभी अपडेट्स पढ़ें...
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मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मैरीटाइम इंडिया समिट 2021 का उद्घाटन किया और कार्यक्रम में मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 की ई-बुक लॉन्च की। इस कार्यक्रम में 50 से ज्यादा देशों के 1.17 लाख प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। यह शिखर तीन दिन यानि कि 2-4 मार्च कर चलेगा और इसका आयोजन बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से किया जा रहा है। केंद्रीय बंदरगाहों के स्वतंत्र प्रभार, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि यह शिखर भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और दुनिया भारत के समुद्री क्षेत्रा में निवेश करना चाहती है।
Delhi: Prime Minister Narendra Modi releases the e-book 'Maritime India Vision 2030', at the Maritime India Summit. pic.twitter.com/RyjTUH21fE
— ANI (@ANI) March 2, 2021विज्ञापन
हमारे तटों पर सभ्यताएं फली-फुली हैं - पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र से संबंधित कई हितधारक एक साथ एक मंच पर आए हैं। एक साथ मिलकर हम समुद्री अर्थव्यवस्था में सफलता की उपलब्धि हासिल करेंगे। भारत इस क्षेत्र में प्राकृतिक तौर पर नेतृत्व करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे तटों पर सभ्यताएं फली-फुली हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि इस शिखर के जरिए मैं दुनिया भारत में आमंत्रित करता हूं। समुद्री क्षेत्र में विकास को लेकर भारत काफी ईमानदार है और दुनिया में नीली अर्थव्यवस्था के नेतृत्व के तौर पर आगे बढ़ रहा है।
'बंदरगाहों की क्षमता बढ़कर हुई 1,550 मिलियन टन'
प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर में कहा कि 2014 में मुख्य बंदरगाहों पर की क्षमता 870 मिलियन टन की थी, जो अब बढ़कर करीब 1,550 मिलियन टन हो गई है। इससे ना सिर्फ हमारे बंदरगाहों को मदद मिली है बल्कि समस्त अर्थव्यवस्था भी मजबूत हुई है। हमारे बंदरगाहों पर अब कार्गो द्वारा आने-जाने का इंतजार करने का समय घटा है। हमने बंदरगाहों पर स्टोरेज क्षमता को बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम अपने बंदरगाहों पर स्मार्ट शहरों और औद्योगिक पार्कों को एकीकृत कर रहे हैं।
2030 तक 23 घरेलू जलमार्ग के संचालन का लक्ष्य - पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि घरेलू जलमार्ग माल ढुलाई के लिए लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक 23 घरेलू जलमार्गों का संचालन शुरू हो जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि सरकार ने 2016 में सागरमाला परियोजना की घोषणा की थी ताकि बंदरगाहों पर विकास को बढ़ावा दिया जाए। इसके तहत छह लाख करोड़ रुपये के 574 प्रोजेक्ट्स को चिन्हित कर लिया गया है और 2015-2035 के दौरान इनका कार्यान्वन करना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि घरेलू जहाज रिसाइकिल उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा।
'समुद्री नौवहन क्षेत्र में 82 अरब डॉलर के निवेश पर काम हो रहा है'
अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है - पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार इसके साथ ही समुद्री नौवहन क्षेत्र में स्वच्छ अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही है। ‘‘हम देशभर में सभी प्रमुख बंदरगाहों पर सौर और पवन ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। हम 2030 तक सभी बंदरगाहों में इस्तेमाल होने वाली कुल बिजली में से 60 प्रतिशत से अधिक बिजली नवीनीकरण ऊर्जा से इसतेमाल में लाने का उद्देश्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।’’