{"_id":"5f5761d957e2da7b3724b1b0","slug":"press-conference-on-covid19-situation-in-india-health-ministry-home-ministry-icmr-live-updates-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"Covid-19 Bulletin: 62 फीसदी केस पांच राज्यों में, 33 लाख से ज्यादा मरीज हुए ठीक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Covid-19 Bulletin: 62 फीसदी केस पांच राज्यों में, 33 लाख से ज्यादा मरीज हुए ठीक
Tue, 08 Sep 2020 09:23 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 08 Sep 2020 09:23 PM IST
सार
- देश में कोविड-19 की स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की प्रेसवार्ता
- प्रति 10 लाख की आबादी पर बढ़ रही है जांच की संख्या, अब तक पांच करोड़ जांच
- कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों और रिकवर मामलों के बीच का अंतर बढ़ रहा है
- मास्क पहनकर जाना है, दो गज की दूरी बनाना है : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण
- फोटो : एएनआई
विस्तार
देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना वायरस से ठीक होने वाली मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और मृत्यु दर में कमी देखने को मिल रही है। मंत्रालय ने कहा कि देश के कुल सक्रिय मामलों के 62 फीसदी मामले पांच राज्यों में हैं।
विज्ञापन
#WATCH live from Delhi: Health Ministry press briefing on #COVID19 situation (8th Sept) https://t.co/kftMoowP2C
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 8, 2020
रिकवरी रेट में लगातार बढ़त
मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस मरीजों के ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसी लिए सक्रिय मामलों और रिकवर मामलों के बीच का अंतर भी बढ़ रहा है। आज देश में आठ लाख 83 हजार सक्रिय मामले हैं तो 33 लाख 23 हजार लोग ठीक हो चुके हैं।
भूषण ने कहा कि भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर 3102 कोरोना के मामले हैं। यह दुनियाभर के मुकाबले सबसे कम संक्रमण की स्थिति है। उन्होंने कहा, दुनिया में 10 लाख की आबादी पर मामलों की संख्या 3527 है। मैक्सिको में यह 4950, रूस में 7063, अमेरिका में 19,549 और ब्राजील में यह संख्या 19,514 है।
लगातार बढ़ रही जांच की रफ्तार
राजेश भूषण ने कहा कि प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर जांच की संख्या 24 अगस्त को 26,016 थी जो अब बढ़कर 36,703 हो गई है। पिछले सप्ताह रोज 10 लाख से अधिक जांच की गई हैं। तीन और चार सितंबर को हमने 11 लाख से ज्यादा सैंपल की जांच की। अब तक पांच करोड़ से ज्यादा जांच हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 14 राज्यों में पांच हजार से भी कम मामले हैं। महाराष्ट्र में दो लाख 37 हजार सक्रिय मामले हैं। पिछले 24 घंटे में 1133 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। प्रति 10 लाख की आबादी पर जांच की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत में चिकित्सा प्रोटोकॉल में जरूरत के अनुसार बदलाव लाए गए हैं।
पांच राज्यों में 62 फीसदी मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा कि पिछले 24 घंटे में 73,642 लोग ठीक हो चुके हैं। यह अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा है। 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना के मामलों की संख्या पांच हजार से भी कम है। पिछले 24 घंटे में 75,909 मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना मामलों की कुल संख्या 42 लाख 80 हजार 423 हो गई।
उन्होंने कहा कि देश में पांच राज्य ऐसे हैं जिनमें देश के कुल सक्रिय मामलों के 62 फीसदी मामले हैं। देशभर के कुल सक्रिय मामलों में से महाराष्ट्र में 27 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 11 फीसदी, कर्नाटक में 10.98 फीसदी, उत्तर प्रदेश में लगभग सात फीसदी और तमिलनाडु में लगभग छह फीसदी मामले हैं।
देश में मृत्यु दर 1.70 फीसदी है
भूषण ने कहा कि देश में प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर 53 मौतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन देशों से हमारी तुलना की जाती है वहां प्रति 10 लाख की जनसंख्या का आंकड़ा 500 से 600 तक है। उन्होंने कहा कि अगस्त में भारत में कोरोना मृत्यु दर 2.15 फीसदी थी जो अब 1.70 फीसदी रह गई है।
वायरस से डरना है, जांच से नहीं
नीति आयोग के सदस्य और कोविड-19 राष्ट्रीय कार्यबल के प्रमुख डॉ. वीके पॉल ने महामारी की रोकथाम में जांच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को जांच कराने से डरना नहीं चाहिए। यदि उन्हें लक्षण हैं तो उन्हें कोविड-19 संबंधी जांच कराने के लिए आगे आना चाहिए।
पॉल ने कहा कि जब कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है तो सुरक्षा संबंधी सावधानियां अपनाने में लोगों के ढिलाई बरतने के बारे में राज्यों से बार-बार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा, 'हमें राज्यों से बार-बार शिकायतें मिल रही हैं कि लोग सावधानी अपनाने में ढिलाई बरत रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि भौतिक दूरी का पालन करने, मास्क पहनने, हाथों को साफ रखने और भीड़भाड़ में जाने से बचने जैसे कदम महत्वपूर्ण हैं। वहीं, आईसीएमआर के डॉ. भार्गव ने कहा कि वायरस से डरना है, जांच से नहीं। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग को और गंभीरता से लेना है।
सब लोग योग करें, थूकने से बचें
भूषण ने कहा कि प्रति 10 लाख की आबादी पर भारत में दुनिया में सबसे कम मामले हैं। देश के कई राज्यों में कोरोना से मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है। उन्होंने कहा, 'मास्क पहन कर जाना है, दो गज की दूरी बनाना है'। सभी लोग योग करें, थूकने से बचें और सभी चिकित्सा मानकों का पालन गंभीरता से करें।
वैक्सीन पर रूस ने किया संपर्क
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि रूस ने कोविड-19 के लिए जो वैक्सीन विकसित की है उस पर विचार किया जा रहा है। रूस की सरकार ने हमारी सरकार से दो पहलुओं पर सहायता मांगी थी। रूस ने हमारी कंपनियों के नेटवर्क से वैक्सीन के उत्पादन और भारत में तीसरे चरण के अध्ययन के लिए मदद मांगी थी।
डॉ. पॉल ने कहा कि भारत सरकार मित्र देश रूस की ओर से की गई भागीदारी की इस पेशकश का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि दोनों ही पहलुओं पर अहम प्रगति हुई है। बता दें कि रूस की वैक्सीन स्पुतनिक वी के तीसरे चरण का ट्रायल इसी महीने से भारत समेत पांच देशों में शुरू होगा।