आईआईटी और एनआईटी निकाल लेंगे प्रदूषण का समाधान: राष्ट्रपति
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दिल्ली में जल और वायु प्रदूषण पर पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी हंगामे के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को विश्वास जताया कि आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थान इस समस्या समाधान ढूंढ लेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान ढूंढने के साथ ही आईआईटी और एनआईटी छात्रों और शोधकर्ताओं में संवेदनशीलता जगाएंगे।
राष्ट्रपति भवन में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईईएसटी) के निदेशकों का वार्षिक सम्मेलन हुआ। इसमें 23 आईआईटी, 31 एनआईटी और आईआईईएसटी के निदेशकों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में कोविंद ने कहा, यह ऐसा वक्त है जब दिल्ली और कई अन्य शहरों की वायु गुणवत्ता काफी खराब है। कई वैज्ञानिकों ने भविष्य की दुखद तस्वीर पेश की है। मुझे विश्वास है कि शीर्ष संस्थान इसका समाधान निकालेंगे।
"This is that time of the year when the air quality of the national capital as well as of many other cities worsens beyond all norms. We are facing a kind of challenge here that we have never faced before " — President Kovind at conference of Directors of IITs, NITs and IIEST pic.twitter.com/4Z63dtPmCl
— President of India (@rashtrapatibhvn) November 19, 2019
ईज ऑफ लिविंग में सुधार का लक्ष्य
राष्ट्रपति ने कहा, हम ऐसी चुनौती का सामना कर रहे हैं, जो पहले कभी नहीं आई। पिछली कुछ सदियों में हाइड्रोकार्बन ऊर्जा ने दुनिया का चेहरा बदल दिया है, लेकिन अब इससे हमारे अस्तित्व पर ही खतरा पैदा हो गया है।
यह चुनौती उन देशों के लिए और विकट हो गई है, जो जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को गरीबी से बाहर लाने के लिए संघर्षरत हैं। फिर भी हमें विकल्प तलाशना होगा। सरकार की ओर से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सूचकांक में भारत की रैंकिंग सुधारने का प्रयास करने के बाद अब उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ में सुधार लाना है।