President Remark Row: स्मृति ईरानी ने ऐसा क्यों किया सोनिया गांधी के साथ? पढ़ें क्या है पूरा मामला
President Remark Row: कांग्रेस के सांसदों द्वारा जो बताया जा रहा है, वह यह कि चार बजे लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई। सभी सदस्य जा रहे थे। सोनिया गांधी कह रही थीं कि राष्ट्रपति पर टिप्पणी को लेकर अधीर रंजन चौधरी ने माफी मांग ली है। मेरी इसमें गलती क्या है? मेरा नाम क्यों लिया जा रहा है?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री और इसे केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का सोनिया गांधी के साथ शर्मनाक व्यवहार बता रहे हैं। जबकि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने उनकी वरिष्ठ साथी को धमकाया। पूरे घटनाक्रम का सही परिप्रेक्ष्य जांच के बाद पता चल सकेगा, लेकिन उच्चपदस्थ सूत्र बताते हैं कि यह पूरा प्रकरण प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की जानकारी में आ चुका है। संसदीय कार्यमंत्री पीयूष गोयल और प्रह्लाद जोशी ने भी इस बाबत पूरी जानकारी ली है। लोकसभा में गुरुवार के इस घटनाक्रम का आगे भी साफ असर दिखाई दे सकता है। इसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मंत्रणा में जुट गए हैं।
आखिर क्या अप्रत्याशित घटना हुई?
कांग्रेस के सांसदों द्वारा जो बताया जा रहा है, वह यह कि चार बजे लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई। सभी सदस्य जा रहे थे। इस बीच भाजपा के सांसद नारा लगा रहे थे और सोनिया गांधी का नाम ले रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस दौरान भाजपा की वरिष्ठ सांसद रमा देवी का रुख किया और उनसे बात कर रही थी। सोनिया गांधी कह रही थीं कि राष्ट्रपति पर टिप्पणी को लेकर अधीर रंजन चौधरी ने माफी मांग ली है। मेरी इसमें गलती क्या है? मेरा नाम क्यों लिया जा रहा है? रमा देवी ने सोनिया को इसका जवाब भी दिया। रमा देवी के मुताबिक उन्होंने सोनिया से कहा कि आपकी गलती यह है कि आपने अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा में पार्टी का नेता क्यों चुना। बताते हैं यह बातचीत चल रही थी तभी वहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पूरे तैश के साथ आईं। बताते हैं पहले तो सोनिया गांधी ने स्मृति ईरानी को नजरअंदाज किया, लेकिन स्मृति ने जोर देकर कहा कि मैडम, मैं आपकी सहायता करूं? आपका नाम मैंने लिया है। वहां मौजूद एक सांसद के अनुसार स्मृति ईरानी के हाव-भाव देखकर सोनिया गांधी ने कुछ तेज आवाज में कहा कि तुम मुझसे बात मत करो। इसके बाद स्मृति ईरानी भी कुछ बोलती रहीं और सोनिया भी। कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई, एनसीपी की सुप्रिया सूले, तृणमूल की अपरुपा पोद्दार ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। सोनिया को वहां से दूर ले गईं।
क्या स्मृति ईरानी का वहां जाना ठीक था?
यह एक ऐसा सवाल है, जिसका निर्धारण भाजपा संसदीय दल के नेता, लोकसभा के अध्यक्ष ही कर सकते हैं। लेकिन सवाल गंभीर है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व महासचिव का कहना है कि सोनिया गांधी ने भाजपा की सांसद रमा देवी के पास जाकर कौन सा अपराध कर दिया? ऐसा तो सदन में होता रहता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य कार्यवाही स्थगित होने के बाद मिलते, जुलते और बात करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन सुनने में आया कि कार्यवाही स्थगित होने के बाद सोनिया गांधी के खिलाफ नारेबाजी हुई। यह ठीक नहीं था। दूसरे केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का दो नेताओं के बीच में चल रहे संवाद में इस तरह से आकर हस्तक्षेप करना सही नहीं कहा जाएगा। राजनीति में इस स्तर की आपसी कटुता ठीक नहीं है। भाजपा के एक सांसद ने कहा कि सोनिया गांधी जब भाजपा के वरिष्ठ सांसद के पास आई थी तो वहां स्मृति के जाने में क्या बुराई है? क्या सोनिया गांधी जैसी वरिष्ठ नेता को भी इसी तरह ऊंची आवाज में एक केंद्रीय मंत्री को जवाब देना चाहिए था? भाजपा के नेता कहते हैं कि अगर कांग्रेस पार्टी अपनी गलती महसूस करके माफी मांग ले तो सब ठीक हो जाएगा।
क्या कहते हैं भाजपा, कांग्रेस के सांसद और मंत्री?
भाजपा की सांसद रमा देवी के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष अपना नाम लिए जाने से बौखलाई और गुस्से में थी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जब उनके पार्टी की सांसद रमा देवी से बात कर रही थीं, तभी भाजपा की एक और वरिष्ठ सांसद वहां पहुंच गईं। उन्होंने पूछा कि क्या हो गया, क्या बात हो रही है? तब सोनिया गांधी ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि मुझसे बात मत करो? इस पूरे मामले में कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई पास में थे। गौरव ने कहा कि आज हमने लोकसभा के भीतर अपनी नेता सोनिया गांधी के प्रति बहुत शर्मनाक व्यवहार देखा। उनके खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए। निडर नेता होने के नाते सोनिया गांधी भाजपा के सांसदों के पास गईं, लेकिन भाजपा के सांसदों ने उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। गौरव गोगोई ने कहा कि हमारी नेता विनम्र हैं। शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी लोकसभा में सोनिया गांधी के साथ हुए व्यवहार को शर्मनाक करार दिया। तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा ने कहा कि वह उस समय लोकसभा में ही थीं। उन्होंने भी सोनिया गांधी के भाजपा सांसदों से घिरे होने और उनके खराब व्यवहार की निंदा की। एनसीपी की सुप्रिया सूले ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि वह इस घटना की गवाह हैं। वह स्तब्ध हैं कि कैसे सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा के सांसदों ने सोनिया गांधी के खिलाफ अनावश्यक नारेबाजी की।
स्मृति ईरानी का गुस्सा और भड़कना समझा जा सकता है
दरअसल, कुछ दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी ने स्मृति ईरानी की बेटी जोइश ईरानी के गोवा में रेस्तरां और बार को लेकर तमाम आरोप लगाए थे। इन आरोपों से तिलमिलाई केंद्रीय मंत्री ने मीडिया में आकर सफाई दी थी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं को कठघरे में खड़ा किया था। गुरुवार को स्मृति ईरानी को एक बड़ा अवसर मिला। कांग्रेस के लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू के लिए मीडिया को बयान देते समय अमर्यादित भाषा प्रयोग की थी। गुरुवार को संसद भवन में भाजपा के सांसद इसी मुद्दे पर विपक्ष को घेरकर अधीर रंजन चौधरी और कांग्रेस पार्टी से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे पर बोलते हुए लोकसभा में एक लंबे समय के बाद स्मृति ईरानी ने भी काफी जोशीला, रोबीला वक्तव्य दिया। मीडिया में इसको लेकर तरह-तरह की कानाफूसी है। चर्चा है कि गोवा में बेटी के रेस्तरां प्रकरण से स्मृति ईरानी काफी आवेश में हैं। इसी तरह से जब लोकसभा से कांग्रेस अध्यक्ष बाहर आईं तो मीडिया से बातचीत में उनका गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। माना जा रहा है कि सोनिया गांधी का यह गुस्सा लोकसभा में हुई नोंक-झोंक के कारण था।
राजनीति में मर्यादा भी कुछ है
भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी युग के एक नेता ने कहा कि राजनीति में इस तरह हमला नहीं होना चाहिए, मर्यादा भी कुछ है? उन्होंने कहा कि संसद भवन में उन्होंने 20 साल बिताए हैं। उन्हें केवल इतना पता है कि इस तरह के आचरण लोकसभा में विरले ही देखने को मिलते हैं। कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। सोनिया गांधी उसकी अध्यक्ष हैं। इसे भाजपा सांसदों को समझना चाहिए। इसी तरह से सोनिया गांधी जैसी वरिष्ठ नेता से भी व्यवहार और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है। भाजपा के पूर्व नेता की ही तरह कांग्रेस के एक पूर्व महासचिव ने कहा कि जो हुआ, वह जिम्मेदार लोगों को पता है। अच्छा होगा कि वह लोकतंत्र की गरिमा को समझकर इस मामले में अपनी भूल सुधार करके आगे की पुनरावृत्ति रोंक लें।