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पूर्वोत्तर के विकास का है सुनहरा अवसर, इसे लपक लेंः राष्ट्रपति
संजय मिश्र, इंफाल
Updated Tue, 21 Nov 2017 09:58 PM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
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चार दिवसीय पूर्वोत्तर यात्रा के तीसरे दिन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मंगलवार को मणिपुर की राजधानी इंफाल पहुंचे। यहां दो दिवसीय पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कोविंद ने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास का यह सुनहरा अवसर है, लोग इसे लपक लें।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि पूर्वोत्तर का विकास भारत का विकास है। पूर्वोत्तर के विकास के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' की तारीफ करते हुए महामहिम ने कहा कि बीते तीन सालों में रेल सेवा से लेकर सड़क और हवाई सेवा के विस्तार के लिए कई काम हुए हैं। कई रेल परियोजनाओं के जरिए ही पूर्वोत्तर में 90 हजार करोड़ की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं।
दिखने लगी है ललक
लंबे समय तक अलगाववाद और विभिन्न गतिविधियों की चपेट की वजह से विकास से महरूम रहे पूर्वोत्तर के राज्यों में अब विकास की ललक दिखने लगी है। राज्यों के मुख्यमंत्री अब खुद एक-दूसरे के साथ मिलकर विकास की राह बताने लगे हैं। मणिपुर सरकार, केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय और इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से आयोजित पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन के मंच पर करीब ऐसा ही देखने को मिला। अशांत कहे जाने वाले नागालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने राज्य के हार्नरू फेस्टिवल के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मणिपुर, नागालैंड, असम, सिक्किम और मेघालय के फेस्टिवल एक के बाद एक होते हैं, इसलिए इन्हें जोड़कर फेस्टिवल सर्किट बनाना चाहिए, ऐसा करने से यहां पर्यटक ज्यादा आएंगे।
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ऐसे आएगी विकास में तेजी
नागालैंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 से 29 नवंबर मणिपुर में शंगाई फेस्टिवल है। इसके बाद 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक नागालैंड में हार्नरू फेस्टिवल आयोजित होगा। इसके तुरंत बाद ही असम, अरुणाचल, सिक्किम और मेघालय के भी फेस्टिवल शुरू होंगे। इन फेस्टिवल को जोड़कर पर्यटक सर्किट के रूप में विकसित करने से पूर्वोत्तर के विकास में तेजी आएगी। इसके अलावा अरुणाचल के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने आसियान देशों के साथ भारत के मजबूत हो रहे संबंधों की तारिफ की। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 3-4 फरवरी 2018 को गुवाहाटी में ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट का आयोजन कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को आमंत्रित किया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन को सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया में मणिपुर भारत के द्वार के रूप में उभरेगा।
पर्यावरण की अनदेखी नहीं होगीः प्रभु
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि पूर्वोत्तर के लिए बन रही नई औद्योगिक नीति अंतिम दौर में है। तमाम लोगों से बातचीत कर उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में विकास भी होगा लेकिन पर्यावरण से समझौता नहीं किया जाएगा। भगवान ने पूर्वोत्तर को बहुत सुंदर बनाया है, इसकी सुंदरता को हम मिटने नहीं देंगे। केंद्र में पीएम मोदी की सरकार बनने के बाद से पूर्वोत्तर के राज्यों में विकास की गति तेज हुई है।
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राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि पूर्वोत्तर का विकास भारत का विकास है। पूर्वोत्तर के विकास के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' की तारीफ करते हुए महामहिम ने कहा कि बीते तीन सालों में रेल सेवा से लेकर सड़क और हवाई सेवा के विस्तार के लिए कई काम हुए हैं। कई रेल परियोजनाओं के जरिए ही पूर्वोत्तर में 90 हजार करोड़ की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं।
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दिखने लगी है ललक
लंबे समय तक अलगाववाद और विभिन्न गतिविधियों की चपेट की वजह से विकास से महरूम रहे पूर्वोत्तर के राज्यों में अब विकास की ललक दिखने लगी है। राज्यों के मुख्यमंत्री अब खुद एक-दूसरे के साथ मिलकर विकास की राह बताने लगे हैं। मणिपुर सरकार, केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय और इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से आयोजित पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन के मंच पर करीब ऐसा ही देखने को मिला। अशांत कहे जाने वाले नागालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने राज्य के हार्नरू फेस्टिवल के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मणिपुर, नागालैंड, असम, सिक्किम और मेघालय के फेस्टिवल एक के बाद एक होते हैं, इसलिए इन्हें जोड़कर फेस्टिवल सर्किट बनाना चाहिए, ऐसा करने से यहां पर्यटक ज्यादा आएंगे।
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ऐसे आएगी विकास में तेजी
नागालैंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 से 29 नवंबर मणिपुर में शंगाई फेस्टिवल है। इसके बाद 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक नागालैंड में हार्नरू फेस्टिवल आयोजित होगा। इसके तुरंत बाद ही असम, अरुणाचल, सिक्किम और मेघालय के भी फेस्टिवल शुरू होंगे। इन फेस्टिवल को जोड़कर पर्यटक सर्किट के रूप में विकसित करने से पूर्वोत्तर के विकास में तेजी आएगी। इसके अलावा अरुणाचल के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने आसियान देशों के साथ भारत के मजबूत हो रहे संबंधों की तारिफ की। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 3-4 फरवरी 2018 को गुवाहाटी में ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट का आयोजन कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को आमंत्रित किया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन को सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया में मणिपुर भारत के द्वार के रूप में उभरेगा।
पर्यावरण की अनदेखी नहीं होगीः प्रभु
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि पूर्वोत्तर के लिए बन रही नई औद्योगिक नीति अंतिम दौर में है। तमाम लोगों से बातचीत कर उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में विकास भी होगा लेकिन पर्यावरण से समझौता नहीं किया जाएगा। भगवान ने पूर्वोत्तर को बहुत सुंदर बनाया है, इसकी सुंदरता को हम मिटने नहीं देंगे। केंद्र में पीएम मोदी की सरकार बनने के बाद से पूर्वोत्तर के राज्यों में विकास की गति तेज हुई है।