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Droupadi Murmu: 'रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता का नया चरण शुरू करने का समय आया', राष्ट्रपति मुर्मू का बयान
Fri, 20 Dec 2024 01:28 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 20 Dec 2024 01:28 PM IST
सार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 'मेक इन इंडिया', 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और रक्षा औद्योगिक गलियारों के विकास जैसी पहलों के माध्यम से सरकार भारतीय और विदेशी निवेशकों को रक्षा क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : ANI
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विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि अब समय आ गया है कि देश में ही अत्याधुनिक उपकरणों का निर्माण किया जाए और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता का नया चरण शुरू किया जाए।
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रक्षा उद्योग की स्वदेशी क्षमता को बढ़ाने के लिए उठाए कई कदम
राष्ट्रपति ने कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (CDM) को राष्ट्रपति का ध्वज प्रदान करते हुए कहा कि केंद्रीय सरकार ने रक्षा उद्योग की स्वदेशी क्षमता को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया', 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और रक्षा औद्योगिक गलियारों के विकास जैसी पहलों के माध्यम से सरकार भारतीय और विदेशी निवेशकों को रक्षा क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
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रक्षा उत्पादों को घरेलू स्तर पर बनाने पर ध्यान
भारत अब कई रक्षा उत्पादों को घरेलू स्तर पर बनाने पर ध्यान दे रहा है, ताकि उन्हें आयात न करना पड़े। राष्ट्रपति ने कहा, 'अब समय आ गया है कि हम देश में तकनीकी रूप से उन्नत उपकरणों का निर्माण करके आत्मनिर्भरता का नया चरण शुरू करें।'
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राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रक्षा बलों के अधिकारी इस लक्ष्य को हासिल करने में पूरी तरह से योगदान देंगे और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करेंगे। भारत अब अपनी पारंपरिक सेनाओं को उन्नत करने और नई तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, साइबर युद्धकौशल और अंतरिक्ष रक्षा तकनीकों को अपनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
वैश्विक स्तर पर रणनीतिक रक्षा साझेदारी बना रहा भारत
उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक स्तर पर रणनीतिक रक्षा साझेदारी बना रहा है और इससे भारत का प्रभाव वैश्विक रक्षा चर्चाओं में बढ़ा है। आत्मनिर्भरता, तकनीकी विकास और रणनीतिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करके, भारत न केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा कर रहा है, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता में भी योगदान दे रहा है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारतीय रक्षा क्षेत्र को समय के साथ बदलते हुए विकसित और अनुकूलित होना चाहिए, ताकि भारत एक मजबूत, सहनशील और सहयोगी राष्ट्र बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों के जवानों को नई तकनीकों और बदलती सुरक्षा स्थितियों के बारे में अपडेट रहना चाहिए।
महिला अधिकारियों की सराहना की
अंत में, राष्ट्रपति ने महिला अधिकारियों की सराहना की और कहा कि वे अन्य महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो बड़े सपने देखती हैं।