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President Manipur Visit: राष्ट्रपति मुर्मू का मणिपुर दौरे का दूसरा दिन, नुपी लाल स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
Fri, 12 Dec 2025 03:23 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Fri, 12 Dec 2025 03:23 PM IST
सार
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार से मणिपुर के दो दिवसीय दौरा पर हैं। इस दौरान उन्होंने अपने दूसरे दिन के दौरे में नुपी लाल स्मारक परिसर में श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा कि वह मणिपुर की जनता की ओर से राष्ट्रपति का स्वागत करते हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार से मणिपुर के दो दिवसीय दौरा पर हैं। राष्ट्रपित मुर्म अपने दूसरे दिन के दौरे में नुपी लाल स्मारक परिसर में श्रद्धांजलि अर्पित की। यह राष्ट्रपति मुर्मू का पहला दौरा है, जब से वे भारत की राष्ट्रपति बनी हैं। उनका दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सितंबर 2025 में मणिपुर दौरे के तीन महीने बाद हो रहा है।
इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा, "भारत के राष्ट्रपति ने नुपी लाल (ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ महिलाओं का युद्ध) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता। मैं मणिपुर की जनता की ओर से राष्ट्रपति का स्वागत करता हूं।"
यह भी पढ़ें- अरुणाचल हादसा: खाई से चमत्कारिक रूप से बचा इकलौता मजदूर, अस्पताल में लड़ रहा मौत से जंग, जानें कैसी है हालात?
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बंद की स्थिति के बीच कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति दौरे के चलते मणिपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कारण है कि कई आंतरिक सशस्त्र संगठन और प्रतिबंधित समूहों ने राष्ट्रपति दौरे के विरोध में बंद बुलाया है। इस कारण इंफाल घाटी में बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। राष्ट्रपति के दौरे वाले स्थानों पर कई पोस्टर और अस्थायी प्रवेश द्वार भी लगाए गए हैं।
यह भी पढ़ें- संसद में तमिलनाडु सरकार पर बरसे अनुराग ठाकुर: दीये जलाने और हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ के आरोप, जानिए मामला
अब समझिए क्या है स्थानीय संगठन की मांगें
मणिपुर के मीतेई संगठन अरंबाई टेंगोल (एटी) ने राष्ट्रपति से अंतरविभागीय विस्थापितों की समस्या उठाने और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि कई विस्थापित परिवार केंद्र सरकार की योजनाओं के बावजूद कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं। उन्हें सभी अधिकारों और लाभों की निष्पक्ष और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने अवैध सीमा पार आंदोलन और NRC के कार्यान्वयन पर भी जोर दिया।
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इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा, "भारत के राष्ट्रपति ने नुपी लाल (ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ महिलाओं का युद्ध) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता। मैं मणिपुर की जनता की ओर से राष्ट्रपति का स्वागत करता हूं।"
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बंद की स्थिति के बीच कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति दौरे के चलते मणिपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कारण है कि कई आंतरिक सशस्त्र संगठन और प्रतिबंधित समूहों ने राष्ट्रपति दौरे के विरोध में बंद बुलाया है। इस कारण इंफाल घाटी में बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। राष्ट्रपति के दौरे वाले स्थानों पर कई पोस्टर और अस्थायी प्रवेश द्वार भी लगाए गए हैं।
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अब समझिए क्या है स्थानीय संगठन की मांगें
मणिपुर के मीतेई संगठन अरंबाई टेंगोल (एटी) ने राष्ट्रपति से अंतरविभागीय विस्थापितों की समस्या उठाने और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि कई विस्थापित परिवार केंद्र सरकार की योजनाओं के बावजूद कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं। उन्हें सभी अधिकारों और लाभों की निष्पक्ष और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने अवैध सीमा पार आंदोलन और NRC के कार्यान्वयन पर भी जोर दिया।