{"_id":"6222af098657b64e1114bbf0","slug":"preparations-to-deal-with-the-fourth-wave-of-corona-now-started-in-mumbai","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: मुंबई में अब शुरू हुई कोरोना की चौथी लहर से निपटने की तैयारी, बीएमसी ने टास्क फोर्स से मांगे सुझाव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: मुंबई में अब शुरू हुई कोरोना की चौथी लहर से निपटने की तैयारी, बीएमसी ने टास्क फोर्स से मांगे सुझाव
Sat, 05 Mar 2022 06:00 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 05 Mar 2022 06:00 AM IST
सार
मुंबई में प्रतिदिन 100 के लगभग कोरोना के नए मरीज मिल रहे हैं।15 अगस्त से 31 अगस्त के बीच सबसे ज्यादा कोरोना मरीज सामने आएंगे।
विज्ञापन
देश में कोरोना के मामले
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना की तीसरी लहर खत्म होने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई में चौथी लहर से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। बीएमसी प्रशासन ने संभावित लहर से निपटने के लिए टास्क फोर्स से मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने बताया कि कानपुर आईआईटी ने देश में जून में कोरोना की चौथी लहर आने की आशंका व्यक्त की है। जिसमें 22 जून से 22 अक्तूबर के बीच चौथी लहर आने की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
यह भी कहा गया है कि 15 अगस्त से 31 अगस्त के बीच सबसे ज्यादा कोरोना मरीज सामने आएंगे। उसके बाद चौथी लहर समाप्त हो जाएगी। इसके मद्देनजर चौथी लहर से निपटने के लिए टास्क फोर्स से संपर्क किया गया है।
विज्ञापन
फिलहाल, मुंबई में प्रतिदिन 100 के लगभग कोरोना के नए मरीज मिल रहे हैं। इसलिए कई जंबो सेंटर को बंद कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में यदि टास्क फोर्स इस संदर्भ में मार्गदर्शन करेगा तो कोरोना संक्रमण को रोकने में आसानी होगी।
गौरतलब है कि मुंबई में मार्च 2020 में कोरोना का संक्रमण शुरू हुआ था। उसके बाद कोराना की भयावह स्थिति को देखते हुए देश भर में लॉकडाउन लगा दिया गया था। मुंबई इस दौरान लगभग दो साल में कोरोना की तीन लहर का सामना कर चुकी है। कोरोना से निपटने का मुंबई मॉडल पूरे देश में प्रसिद्ध हुआ।
मुंबई में ‘ऑमिक्रोन’ के केवल पांच फीसदी मरीज ही हुए अस्पताल में भर्ती
मुंबई में पूर्ण टीकाकरण कराने के बाद कोरोना वायरस के नए स्वरूप ऑमिक्रोन की चपेट में आए पांच प्रतिशत मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आई। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, ऑमिक्रोन के ऐसे 17 प्रतिशत मरीज थे, जिन्होंने कोविड-19 रोधी टीकों की एक ही खुराक ली थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
जीनोम अनुक्रमण की10वीं दौर की जांच में 376 लोगों के नमूनों में से 237 ऑमिक्रोन से संक्रमित पाए गए। ये सभी नमूने मुंबई के लोगों के थे। वहीं, राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में ऑमिक्रोन के 5,005 मामले सामने आए हैं। इनमें से अभी तक 4,629 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।