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मोदी मंत्रिमंडल के चौथे विस्तार की तैयारी, मिशन 2019 के लिए अंतिम कवायद

Mon, 04 Jun 2018 04:25 AM IST
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 04 Jun 2018 04:25 AM IST
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Preparation of the fourth extension of Modi Cabinet, final exercise for Mission 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द अपने मंत्रिमंडल का चौथा और आखिरी विस्तार कर सकते हैं। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्यों के सियासी समीकरण और सहयोगियों को साधने के लिए शीर्ष स्तर पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है।

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इस बारे में सहयोगी दलों से भी बातचीत का सिलसिला शुरू किया जाएगा। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद मिशन-2019 की पुख्ता तैयारी के लिए मंत्रिमंडल विस्तार पर नए सिरे से विचार शुरू हुआ है।
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पार्टी और सरकार के शीर्ष नेतृत्व में इसे लेकर आम सहमति है। इस क्रम में सहयोगियों से संवाद और विभिन्न राज्यों के सियासी समीकरण पर मंथन करने की योजना बनाई गई है। वैसे भी तीसरे विस्तार में एनडीए में शामिल जदयू को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व न देकर प्रधानमंत्री ने एक और विस्तार का विकल्प खुला रखा था।
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भाजपा और सरकार के शीर्ष नेतृत्व में विस्तार पर सहमति

दरअसल पिछले साल सितंबर में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू को प्रतिनिधित्व नहीं मिला था। साथ ही एक कैबिनेट रैंक पर सहमति न बनने के कारण शिवसेना की हिस्सेदारी भी मंत्रिमंडल में बढ़ नहीं पाई थी। उस दौरान अन्नाद्रमुक को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने पर चर्चा हुई थी, लेकिन पार्टी में दो धड़ों के बीच मतभेद के चलते इस पर अंतिम फैसला नहीं हो सका था। अब संभावित विस्तार में एनडीए के नए साथियों को प्रतिनिधित्व देने और नाराज साथियों को साधने की कोशिश की जाएगी।
 

इसलिए पड़ रही विस्तार की जरूरत 

Preparation of the fourth extension of Modi Cabinet, final exercise for Mission 2019
दरअसल, नए साल में राज्य और केंद्र के सियासी समीकरण में बड़ा बदलाव आया है। विपक्ष भाजपा के खिलाफ राज्यों में महागठबंधन बनाने में लगा है तो दूसरी ओर एनडीए में खटपट शुरू हो गई है। टीडीपी ने एनडीए छोड़ दिया है तो शिवसेना आए दिन आंख दिखाता रहता है। हालिया उपचुनाव के नतीजों के बाद कुछ अन्य सहयोगी दलों से भी असंतुष्ट सुर सुनाई देने लगे हैं। ऐसे में भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार कर नाराज सहयोगियों को साध कर एनडीए को एकजुट और मजबूत करने के अलावा अहम राज्यों में सोशल इंजीनियरिंग दुरुस्त करना चाहती है।

पिछले मंत्रिमंडल विस्तार

मोदी मंत्रिमंडल में अब तक तीन बार फेरबदल हो चुका है। पहला विस्तार 9 नवंबर 2014 को, दूसरा 5 जुलाई 2016 को और तीसरा विस्तार 3 सितंबर 2017 को हुआ था। मौजूदा समय में मंत्रिमंडल में 76 सदस्य हैं। यह आंकड़ा 82 तक हो सकता है।
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