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Maharashtra: अस्पताल के भर्ती करने से इनकार के बाद गर्भवती महिला की मौत, स्वास्थ्य मंत्री बोले- कराएंगे जांच

Fri, 04 Apr 2025 02:42 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे Published by: बशु जैन Updated Fri, 04 Apr 2025 02:42 PM IST
सार

पुणे के एक अस्पताल ने इलाज के लिए 10 लाख रुपये एडवांस जमा न करने पर गर्भवती महिला को भर्ती से करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद दूसरे अस्पताल में महिला की मौत हो गई। इसे लेकर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन भी हुआ। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटना की जांच करेंगे।

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Pregnant woman dies after hospital refuses to admit her, Health Minister says will conduct an investigation
महिला को भर्ती करने से इनकार। - फोटो : Freepik

विस्तार

महाराष्ट्र के पुणे में एक अस्पताल की संवेदनहीनता ने गर्भवती महिला की जान ले ली। अस्पताल में इलाज के लिए 10 लाख रुपये एडवांस जमा न करने पर गर्भवती महिला को भर्ती से करने से इनकार कर दिया। गर्भवती महिला ने दूसरे अस्पताल में जुड़वां बेटियों को जन्म दिया। इसके बाद महिला की मौत हो गई। मामले में महाराष्ट्र सरकार ने सख्त कदम उठाया। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटना की जांच करेंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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भाजपा एमएलसी अमित गोरखे के निजी सहायक की पत्नी तनीषा भिसे सात महीने की गर्भवती थी। 29 मार्च को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के डॉ. सुश्रुत घैसास ने उससे कहा कि कुल 20 लाख रुपये लगेंगे। 10 लाख भर्ती से पहले और 10 लाख रुपये उपचार के बाद। एमएलसी अमित गोरखे के अनुसार, परिवार ढाई लाख रुपये एडवांस देने के लिए तैयार था। परिवार ने अनुरोध किया कि वे इलाज शुरू करें, तब तक बाकी रकम का इंतजाम हो जाएगा। इस पर डॉक्टर ने कहा कि पैसे नहीं है तों वे मरीज को ससून जनरल अस्पताल लेकर चले जाएं। इसके बाद महिला को सूर्या अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इसके बाद तनीषा की सेहत खराब हो गई। उसे बाणेर के महिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां 31 मार्च को उसकी मौत हो गई। 
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इसे लेकर शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) समेत विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और यहां तक कि अस्पताल के एक कर्मचारी पर सिक्के भी फेंके। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है।
 
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि हमने स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक से अस्पताल में वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच करने को कहा है। उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद अगर अस्पताल गलत पाया जाता है तो हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

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वहीं, एमएलसी गोरखे ने दावा किया कि तीन लाख रुपये तुरंत देने के आश्वासन के बावजूद अस्पताल ने मरीज को भर्ती करने से इनकार कर दिया और मंत्रालय से कॉल करने पर भी उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। हालांकि अस्पताल ने आरोपों का खंडन किया और महिला के परिजनों पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. धनंजय केलकर ने कहा कि वे घटना के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे और इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंपेंगे।

महिला कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर का क्लिनिक तोड़ा, केस दर्ज
पुणे भाजपा इकाई की कई महिला कार्यकर्ताओं ने तनीषा भिसे का मामला देखने वाले डॉक्टर के निजी क्लिनिक में तोड़फोड़ की। महिला कार्यकर्ताओं ने नवसहयाद्री सोसाइटी में स्थित डॉक्टर के क्लिनिक पर धावा बोला था। इस मामले में महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलंकार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। 


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