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भारत में कोरोना का विस्तार, चार महीने में कोरोना का कहर, कैसे बचाएं खुद को?
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कोरोना से संक्रमित व्यक्ति को ले जाते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी
- फोटो : PTI
चार महीने पहले चीन के वुहान से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई और आज इस बीमारी को महामारी घोषित कर दिया गया है। कोरोना से अब तक दुनिया में 3,81,653 लोग संक्रमित हैं जबकि भारत में संक्रमित लोगों की संख्या 492 पहुंच चुकी है और मरने वालों की संख्या 9 हो गई है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर COV-IND-19 स्टडी ग्रुप ने एक शोध तैयार किया है। ये स्कॉलर्स और डाटा साइंटिस्ट का एक समूह है। आइए एक डाटा के माध्यम से समझते हैं कि भारत में एक दिन में कोरोना के कितने मामले सामने आए, कितनी मौतें हुई और कितने ठीक हुए....
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30 जनवरी - 2 मार्च
- 30 जनवरी को पहला मामला सामने आया
- 2 और 3 फरवरी, 2 मार्च को मामले आए
- 16 फरवरी को कुछ मामले ठीक हुए
- मामले आए लेकिन हस्तक्षेप नहीं हुआ
- सबसे ज्यादा मामले 4 मार्च को आए
- 12 मार्च को कोरोना से पहली मौत
- अचानक से संक्रमित मामलों में तेजी
- स्क्रीनिंग और यात्राओं पर रोक शुरू
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने महामारी घोषित की
- 13 मार्च को भारत में दूसरी मौत
- 15 मार्च को कुछ मामले ठीक हुए
- 14-16 मार्च को फिर मामलों में बढ़त
- सोशल डिस्टेंसिंग की अपील
- भारत में तेजी से बढ़े मामले
- देश में मरने वालों की संख्या भी बढ़ी
- 19 मार्च को मामलों में रिकॉर्ड तेजी
- 19 मार्च के बाद लॉकडाउन की तैयारी
3 मार्च 2020
- चीन, साउथ कोरिया, इटली और ईरान की यात्रा पर प्रतिबंध
- लोगों के इकट्ठा होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
- आगरा के मेयर ने ताजमहल समेत कई ऐतिहासिक इमारतों को बंद करने को कहा
- कुवैत ने भारत आ रहे विमानों पर प्रतिबंध लगाया
- कतर ने भारत की यात्रा पर प्रतिबंध लगाया
- मणिपुर ने म्यांमार सीमा को बंद किया
- फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के लिए भारत ने जारी किए वीजा और ई-वीजा रद्द किए
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को महामारी घोषित किया
- भारत में कोरोना से पहली मौत
- भारत में कोरोना से दूसरी मौत
- जेएनयू, आईआईएम, आईआईटी ने कक्षाएं बंद की, कुछ छात्रावास बंद किए गए
- 31 मार्च तक सोशल डिस्टेंसिंग की अपील
- 31 मार्च तक यूरोपियन यूनियन, यूके, तुर्की से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध
- 31 मार्च तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आदेश
- 31 मार्च तक ताजमहल समेत 3,000 स्मारक और 200 संग्रहालय बंद
- यूएई, कतर, ओमान, कुवैत से आने वाले यात्रियों के लिए क्वारंटीन जरूरी
- भारत में लॉकडाउन की तैयारी शुरू
- 1 हफ्ते के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक
- कुछ राज्यों ने सार्वजनिक परिवहनों पर लगाई रोक
- 22 मार्च को प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू के पालन करने की अपील की
- महाराष्ट्र ने मुंबई, पुणे, नागपुर में लॉकडाउन किया
- जेएनयू के छात्रावास को खाली करने के आदेश दिए
- महाराष्ट्र सरकार ने निजी लैब से कोरोना टेस्ट करने को कहा
- राजस्थान सरकार ने 31 मार्च कर लॉकडाउन की घोषणा की
- तेलंगाना, दिल्ली समेत 12 राज्यों ने लॉकडाउन का एलान किया
- 31 मार्च तक रेलवे ने सभी ट्रेन के संचालन को रोका
- केंद्रय ने सभी राज्यों को लॉकडाउन करने के आदेश दिए
- लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई
अगले कुछ हफ्तों में कोरोना के कितने मामले देखने को मिलेंगे?
शोध के मुताबिक कुछ ही हफ्तों में भारत में ज्यादा मामले देखने को मिल सकते हैं। ये शोध 16 मार्च को आधार बनाकर किया गया है। आइे देखते हैं कि भारत में कोरोना अपने कितने पैर पसारेगा..
- 31 मार्च तक देश में संभावित मामलों की संख्या- 379 (हालांकि वास्तव में मामले इससे ज्यादा है)
- 15 अप्रैल तक संभावित मामलों की संख्या- 4,836
- 15 मई तक संभावित मामलों की संख्या- 58,643 भारत में शुरुआती मामलों के आधार पर से आंकड़ा दिया है
- 31 मार्च तक देश में संभावित मामलों की संख्या- 2,507
- 15 अप्रैल तक संभावित मामलों की संख्या- 28,925
- 15 मई तक संभावित मामलों की संख्या- 9,15,000
कोरोना का ज्यादा असर बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्ति पर पड़ेगा। बीमारी में हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, गुर्दे की बीमारी, कैंसर या फिर मधुमेह शामिल है। एक तालिका से समझते हैं कि भारतीयों पर कोरोना का असर...
देशों में 1,000 लोगों पर कितने बिस्तर?
- भारत - 0.7 बिस्तर
- ईरान - 1.5 बिस्तर
- अमेरिका - 2.8 बिस्तर
- यूनाटडेटड किंगडम - 2.9 बिस्तर
- इटली - 3.4 बिस्तर
- चीन - 4.2 बिस्तर
- फ्रांस - 6.5 बिस्तर
- साउथ कोरिया - 11.5 बिस्तर
हां, सोशल डिस्टेंसिंग और आवाजाही पर रोक लगाने से कोरोना के फैलने पर असर पड़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक एक लाख भारतीयों पर 70 बिस्तर हैं और ये अधिकतम आंकड़ा दिया गया है। कोरोना से अति संक्रमित लोगों की संख्या 5%-10% है, जिन्हें आईसीयू की जरूरत पड़ती है। इस तरह कुल भारतीय अस्पतालों के कुल बिस्तर का 5%-10% कोरोना से संक्रमित लोगों के लिए रखा जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक 15 मई तक एक लाख भारतीयों पर बिस्तरों की संख्या 161 हो सकती है।
क्या गर्मी का तापमान कोरोना के फैलने में मदद कर सकता है?
ऐसा जरूरी नहीं है कि ज्यादा तापमान से कोरोना वायरस मर सकता है, ना ही ऐसा कोई आंकड़ा सामने आया है।
अब भारत सरकार के सामने क्या विकल्प है?
- एक दिन में ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करवाएं
- निजी क्षेत्र की प्रयोगशाला को शामिल करें
- क्वारंटीन, सोशल डिस्टेंसिंग को जारी रखें
- कोरोना के टेस्ट के लिए फ्री सुविधा उपलब्ध कराए
- स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जरूरत का सामान उपलब्ध कराए
- मास्क, दस्ताने, वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं पर फोकस, चीन को इससे काफी मदद मिली
- बिस्तर और आईसीयू की संख्या को बढ़ाए, गैर जरूरी मेडिकल केयर बंद रखें
- मोबाइल लैब, मोबाइल केबिन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए
- संक्रमित लोगों को क्वारंटीन के वक्त बेहतर सुविधाएं मिले
- गरीब तबके के लोगों को यूनिवर्सल बेसिक इनकम मुहैया कराई जाए
- आर्थिक तौर पर मदद करने के लिए जीएसटी क्रेडिट दे सकती है
- स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी स्वास्थ्य गाइडलाइन का पालन करें
- सोशल डिस्टेंसिंग को गंभीरता से लें, वीडियो के जरिए अपनों से जुड़ें
- व्यक्तिगत साफ सफाई रखें, खुद को सैनिटाइज करते रहें
- कम से कम साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोएं
- गंदे हाथों से नाक, कान, मुंह को ना छूएं
- संदिग्ध होने की हालात में खुद को क्वारंटीन करें
- घबराएं नहीं, कोरोना से लड़ने के लिए मानसिक तौर खुद को मजबूत करें
- स्वस्थ खाना खाएं, शारीरिक क्रियाएं ज्यादा से ज्यादा करें
- इस संकट में मानसिक तनाव से दूर रहें