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संघ के कार्यक्रम में जाने वाले पहले कांग्रेसी नेता नहीं हैं प्रणब

Thu, 07 Jun 2018 08:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 07 Jun 2018 08:37 PM IST
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Pranab Mukherjee is not the first Congressman to go in RSS Headquarter

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नागपुर में संघ के कार्यक्रम जाने पर उठे विवाद के बीच तथ्य यह है कि ऐसा करने वाले वे पहले कांग्रेसी नहीं हैं। महात्मा गांधी से लेकर इंदिरा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री तक कई कांग्रेसी नेताओं ने संघ की तारीफ की थी। गैर कांग्रेसी नेताओं में पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी, एपीजे अब्दुल कलाम भी संघ के कार्यक्रम में पहुंचे थे। 

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महात्मा गांधी

महात्मा गांधी ने दो बार संघ के कार्यक्रम में शिरकत की थी। पहली बार वह कारोबारी जमनालाल बजाज के साथ वर्धा में आयोजित संघ के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार से मुलाकात कर संघ के भविष्य पर चर्चा की थी। इसके बाद उन्होंने 16 सितंबर, 1947 की सुबह दिल्ली में संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि आरएसएस कार्यकर्ता अनुशासन और देशप्रेम की मिसाल हैं।
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पं. जवाहरलाल नेहरू

1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान संघ के स्वयंसेवकों ने सरहद पर राशन पहुंचाने में मदद की थी। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने संघ की भूमिका की प्रशंसा की थी। उन्होंने 26 जनवरी, 1963 को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए संघ को आमंत्रित किया। संघ के 3000 कार्यकर्ताओं ने पूर्ण गणवेश में परेड में हिस्सा लिया था।
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लाल बहादुर शास्त्री

1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने दिल्ली में यातायात व्यवस्था बनाए रखने में संघ की मदद ली थी। इसके बाद उन्होंने संघ के काम की तारीफ की और तत्कालीन सरसंघचालक गुरुजी गोलवलकर को सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया था।

इंदिरा गांधी

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी संघ के आमंत्रण पर विहिप के एकात्म जलयात्रा कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। 1977 में संघ नेता एकनाथ रानाडे के निमंत्रण पर इंदिरा गांधी ने विवेकानंद रॉक मेमोरियल का अनावरण भी किया था।

जयप्रकाश नारायण
 
1967 में बिहार में भीषण अकाल के दौरान संघ ने लोगों की मदद के लिए दिन-रात एक कर दिया था। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संघ की मेहनत देखने के बाद पटना में कहा था कि संघ की देशभक्ति किसी प्रधानमंत्री से कम नहीं है। अगर संघ फासीवादी है तो मैं भी फासीवादी हूं। 

एपीजे अब्दुल कलाम

नवंबर, 2006 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने दीनदयाल शोध संस्थान के नाना देशमुख और अन्य सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि संस्थान ग्रामीण विकास मॉडल को सफलता से लागू कर रहा है। नागपुर में संघ के कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि छोटे सपने देखना अपराध है। हमेशा बड़े सपने देखना चाहिए। 


बड़े नेता, वैज्ञानिक, उद्यमी हो चुके हैं शामिल

संघ के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी, डॉ. जाकिर हुसैन, विनोबा भावे, जगजीवन राम, फील्ड मार्शल जनरल करियप्पा, सर्वोदय नेता प्रभाकर राव, जस्टिस केटी थॉमस, वैज्ञानिक जी. माधवन नायर, के. राधाकृष्णन, के. कस्तूरीरंगन और उद्यमी रतन टाटा शामिल हो चुके हैं।

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