लगातार जीवन रक्षक प्रणाली और गहरे कोमा में हैं प्रणब मुखर्जी: सैन्य अस्पताल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अब भी गहरे कोमा में हैं। रविवार को दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल की ओर से उनका मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया है। इसके अनुसार, 'पूर्व राष्ट्रपति का फेफड़ों के संक्रमण का इलाज चल रहा है। वे लगातार गहरे कोमा में हैं और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। वह हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।'
Former President Pranab Mukherjee (in file pic) is being treated for lung infection. He continues to be in deep coma and on ventilator support. He remains haemodynamically stable: Army Hospital (R&R), Delhi Cantonment pic.twitter.com/D7mbv5NPDw
— ANI (@ANI) August 30, 2020विज्ञापन
इससे पहले शनिवार को मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया गया था कि प्रणब मुखर्जी की गहन देखभाल की जा रही है और उनके फेफड़ों में संक्रमण का इलाज जारी है। उनके गुर्दे के मापदंडों में सुधार हुआ है। वह गहरे कोमा में हैं और अब भी जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। वह हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।
वहीं शुक्रवार को मेडिकल बुलेटिन में बताया गया था कि 'प्रणब मुखर्जी गहरे कोमा में हैं और अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। फेफड़ों के संक्रमण और गुर्दे की समस्या के लिए उनका इलाज किया जा रहा है। उनके अहम और क्लिनिकल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं यानी वे हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।
यह भी पढ़ें- Pranab Mukherjee: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अब भी जीवनरक्षक प्रणाली पर, गुर्दे की समस्या में कुछ सुधार
बुधवार को दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने बताया था कि मंगलवार से उनके रेनल पैरामीटर (गुर्दे के मापदंड) अव्यवस्थित हो गए हैं। वे लगातार गहरे कोमा में हैं और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
84 साल के मुखर्जी को दस अगस्त को दिल्ली कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुखर्जी के मस्तिष्क में खून के थक्के जमने के बाद उनका ऑपरेशन किया गया था। अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय वह कोविड-19 से भी संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें श्वास संबंधी संक्रमण हो गया था। मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में 2012 से 2017 तक पद पर रहे।