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Prakash Karat: 'धर्मनिरपेक्षता विरोधी ताकतों के खिलाफ राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई की जरूरत', प्रकाश करात का बयान

Fri, 17 Jan 2025 02:50 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 17 Jan 2025 02:50 PM IST
सार

कोलकाता में ज्योति बसु सेंटर फॉर सोशल स्टडीज एंड रिसर्च के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए प्रकाश करात ने सत्ता पर काबिज लोगों पर आरोप लगाया कि वे हिंदुत्व को राज्य का आधिकारिक सिद्धांत बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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Prakash Karat said Need for political and ideological battle against anti-secular forces
माकपा नेता प्रकाश करात - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

माकपा नेता प्रकाश करात ने शुक्रवार को कहा कि भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताने-बाने को कमजोर करने की कोशिश कर रहे ताकतों के खिलाफ एक राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष की जरूरत है।

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इस तरह की ताकतों के खिलाफ संघर्ष सिर्फ चुनावी नहीं...
कोलकाता में ज्योति बसु सेंटर फॉर सोशल स्टडीज एंड रिसर्च के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए करात ने इन ताकतों पर आरोप लगाया कि वे हिंदुत्व को राज्य का आधिकारिक सिद्धांत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की ताकतों के खिलाफ संघर्ष सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि यह एक विचारधारात्मक और राजनीतिक संघर्ष है।
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उन्होंने छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराने के बाद पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने इन ताकतों को बर्बर कहा था।
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'आज ये ताकतें सत्ता पर काबिज'
करात ने कहा कि आज ये ताकतें सत्ता पर काबिज हो गई हैं और हिंदुत्व को राज्य की आधिकारिक विचारधारा बनाने की कोशिश कर रही हैं। अगर आज ज्योति बसु जीवित होते, तो वह धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों के साथ इन अंधकारमय ताकतों के खिलाफ लड़ाई में आगे होते।

उन्होंने बसु की नेतृत्व क्षमता और उनके योगदान को भी सराहा, खासकर पश्चिम बंगाल में वामपंथी और लोकतांत्रिक आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनके योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'जहां तक पश्चिम बंगाल का सवाल है, बसु इस बात के उदाहरण थे कि कैसे कम्युनिस्टों को कामकाजी लोगों के हितों को आगे बढ़ाने और वाम और लोकतांत्रिक आंदोलन का निर्माण करने के लिए विधानसभाओं और राज्य सरकारों में काम करना चाहिए। बसु हमारे देश में कम्युनिस्ट और वामपंथी आंदोलन द्वारा की गई प्रगति के प्रतीक थे।'


यह लोग रहे मौजूद
माकपा नेता ने ज्योति बसु सेंटर की स्थापना में पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और माकपा के पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी के योगदान को भी स्वीकार किया। इस मौके पर बिमान बोस, माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम और गायिका रिजवाना चौधरी बन्या भी उपस्थित थे।
 

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