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बिजली मंत्रालय बना रहा नई योजना: डिस्कॉम 48 किस्तों में कर सकेंगे बकाये का भुगतान, 19833 करोड़ रुपये की बचत होगी
Wed, 25 May 2022 09:41 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 25 May 2022 09:41 PM IST
सार
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित योजना से डिस्कॉम किस्तों में बकाया भुगतान कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें एक बार छूट देने पर विचार किया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : ANI
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विस्तार
सरकार बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को बकाया भुगतान के मामले में बड़ी राहत दे सकती है। इसके लिए एक नई योजना बनाई जा रही है। बिजली मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि प्रस्तावित योजना के तहत डिस्कॉम को 48 किस्तों में बिजली उत्पादनकंपनियों (जेनको) के बकाये का भुगतान करने की छूट मिल सकेगी। साथ ही वे अगले 12 से 48 महीनों में देरी से भुगतान पर लगने वाले अधिभार (सरचार्ज) के रूप में 19,833 करोड़ रुपये की बचत हो सकेगी।
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मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित योजना से डिस्कॉम किस्तों में बकाया भुगतान कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें एक बार छूट देने पर विचार किया जा रहा है। योजना की अधिसूचना जारी होने की तारीख से बकाया राशि (मूलधन और एलपीएससी समेत) पर आगे देरी से भुगतान पर अधिभार नहीं लगेगा। किस्तों में भुगतान की अनुमति देने जैसी सुविधा से डिस्कॉम को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी। बयान के मुताबिक, डिस्कॉम की बकाया भुगतान करने में असमर्थता से बिजली क्षेत्र की पूरी शृंखला प्रभावित हो रही है और जेनको के नकदी प्रवाह पर असर पड़ रहा है। बिजली उत्पादन कंपनियों को कोयले जैसे कच्चे माल और परिचालन खर्च के लिए पर्याप्त कार्यशील पूंजी की जरूरत होती है।
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उत्पादन कंपनियों को भी मिलेगी सुविधा
बयान में कहा गया है कि फंसी रकम निश्चित मासिक भुगतान के रूप में मिलने से बिजली उत्पादन कंपनियों को राहत मिलेगी। हालांकि, डिस्कॉम अगर मासिक भुगतान में देरी करती हैं तो ऐसी स्थिति में पूरी बकाया राशि पर विलंब भुगतान अधिभार लगेगा। इसमें आगे कहा गया है कि इस योजना का आखिरकार लाभ बिजली उपभोक्ताओं को ही मिलेगी।
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प्रस्तावित योजना से यूपी को सबसे ज्यादा लाभ
आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र पर बिजली उत्पादन कंपनियों का सबसे ज्यादा बकाया है। प्रस्तावित योजना से दोनों राज्यों को 4,500-4,500 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश करीब 2,500 करोड़ रुपये बचा सकेगा। आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और तेलंगाना के 1,100 से 1,700 करोड़ रुपये बचेंगे। मंत्रालय के प्राप्ति पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, 18 मई, 2022 तक डिस्कॉम पर बकाया 1,00,018 करोड़ रुपये था। इसमें विवादित राशि और विलंब भुगतान अधिभार शामिल नहीं है। वहीं, विलंब भुगतान अधिभार (एलपीएससी) 6,839 करोड़ रुपये था।