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जनसंख्या नियंत्रण: आंकड़ों के जरिए भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने चेताया, पीएम मोदी से की कानून बनाने की मांग
Sun, 11 Jul 2021 09:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 11 Jul 2021 09:57 PM IST
सार
भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने पीएम नरेंद मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार संसद में विधेयक लाए। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से चेताया कि भारत में जनसंख्या विस्फोट के चलते क्या हालात हो चुके हैं।
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अश्विनी उपाध्याय
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विस्तार
भाजपा नेता व अभिभाषक अश्विनी उपाध्याय ने विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर पीएम मोदी को पत्र लिखकर देश में जनसंख्या विस्फोट के कारण वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण समेत तमाम समस्याओं को रेखांकित किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून के बिना स्वस्थ और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण मुश्किल है।
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सुप्रीम कोर्ट में लंबित है याचिका
उपाध्याय ने पत्र में लिखा है कि एक कठोर और प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग वाली मेरी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय को नोटिस जारी किया था लेकिन अभी तक किसी का जबाब नहीं आया। हैरानी तब हुई जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने याचिका का का यह कहते हुए विरोध किया कि जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत ही नहीं है, जबकि यह मंत्रालय इस मामले में पार्टी भी नहीं है।
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तमाम समस्याओं की जड़ जनसंख्या विस्फोट
भाजपा नेता ने पत्र में लिखा है कि जल, जंगल और जमीन की समस्या, रोटी कपड़ा और मकान की समस्या, गरीबी बेरोजगारी और कुपोषण की समस्या, वायु जल मृदा और ध्वनि प्रदूषण की समस्या, कार्बन वृद्धि और ग्लोबल वार्मिग की समस्या, अर्थव्यवस्था के धीमी रफ्तार की समस्या, चोरी लूट और झपटमारी की समस्या तथा थाना तहसील हॉस्पिटल और स्कूल में भीड़ की समस्या का मूल कारण जनसंख्या विस्फोट है। इतना ही नहीं देश की 50 फीसदी से अधिक समस्याओं का मूल कारण बढ़ती आबादी है।
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25 करोड़ आज भी बिना आधार के
उपाध्याय ने दावा किया कि 2019 में 125 करोड़ भारतीयों का आधार नंबर बन गया था और लगभग 20% अर्थात 25 करोड़ नागरिक (विशेष रूप से बच्चे) आज भी बिना आधार के हैं। इसके अतिरिक्त लगभग पांच करोड़ बंगलादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिये भी अवैध रूप से भारत में रहते हैं। इससे स्पष्ट है कि हमारे देश की जनसंख्या 125 करोड़ नहीं बल्कि 150 करोड़ से ज्यादा है। हम जनसंख्या के मामले में हम चीन से भी आगे निकल चुके हैं।
संसाधनों के मामले में चीन व अमेरिका से काफी पीछे
भाजपा नेता के अनुसार यदि संसाधनों की बात करें तो भारत का क्षेत्रफल दुनिया का लगभग 2 फीसदी है। हमारे पास पीने योग्य पानी मात्र 4 फीसदी है लेकिन जनसंख्या दुनिया की 20 फीसदी है। जबकि चीन का क्षेत्रफल 95,96,960 वर्ग किमी, अमेरिका का क्षेत्रफल 95,25,067 वर्ग किमी है जबकि भारत का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किमी है। यानी हमारा क्षेत्रफल चीन और अमेरिका के क्षेत्रफल का लगभग एक तिहाई है, लेकिन जनसंख्या वृद्धि की दर चीन से डेढ़ गुना और अमेरिका से लगभग सात गुना है। अमेरिका में प्रतिदिन 11 हजार बच्चे पैदा होते हैं, चीन में प्रतिदिन 44 हजार बच्चे पैदा होते हैं और भारत में प्रतिदिन 70,000 बच्चे पैदा होते हैं।
हंगर इंडेक्स में हम 102 वें स्थान पर
अंतराष्ट्रीय रैंकिंग में भारत की दयनीय स्थिति का मुख्य कारण भी जनसंख्या विस्फोट है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में हम 102वें स्थान पर, साक्षरता दर में 168वें स्थान पर, वर्ल्ड हैपिनेस इंडेक्स में 140वें स्थान पर, ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में 129वें स्थान पर, सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स में 53वें स्थान पर, यूथ डेवलपमेंट इंडेक्स में 134वें स्थान पर, होमलेस इंडेक्स में 8वें स्थान पर, लिंग असमानता इंडेक्स में 76वें स्थान पर, न्यूनतम वेतन में 64वें स्थान पर, रोजगार दर में 42वें स्थान पर हैं। उपाध्याय ने कहा कि क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स में हम 43वें स्थान पर, फाइनेंसियल डेवलपमेंट इंडेक्स में 51वें स्थान पर, करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में 86वें स्थान पर, रूल ऑफ़ लॉ इंडेक्स में 69वें स्थान पर, एनवायरमेंट परफॉरमेंस इंडेक्स में 177वें स्थान पर तथा पर कैपिटा जीडीपी में 139वें स्थान पर हैं, लेकिन जमीन से पानी निकालने के मामले में हम पहले स्थान पर हैं जबकि हमारे पास पीने योग्य पानी दुनिया का मात्र 4 फीसदी है।
इसलिए चीन बना महाशक्ति
भाजपा नेता व ख्यात वकील उपाध्याय ने कहा है कि भारत में प्रतिदिन 70,000 बच्चे पैदा हो रहे हैं अर्थात 2020 में ढाई करोड़ बच्चे पैदा हो गए और हर साल ढाई करोड़ नए रोजगार पैदा करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। चीन ने पहले 'हम दो, हमारे दो' नीति को अपनाया और फिर 'हम दो हमारे एक' नियम को कड़ाई से लागू किया और लगभग 60 करोड़ बच्चों को पैदा होने से रोक दिया इसीलिए वह आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि विश्व महाशक्ति भी बन गया जबकि भारत आज भी गरीबी, बेरोजगारी, कुपोषण और प्रदूषण से लड़ रहा है।
: warned through statistics, demanded PM Modi make a law