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Assam: दिल्ली से असम पुलिस ने PFI के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष को किया गिरफ्तार, देश विरोधी गतिविधियों में था शामिल
Fri, 23 Sep 2022 11:05 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 23 Sep 2022 11:05 PM IST
सार
असम पुलिस के मुताबिक पीएफआई के नेता को गिरफ्तार किया गया है क्योंकि इस बात की विश्वसनीय जानकारी है कि वह पूर्वोत्तर राज्य में सांप्रदायिक संघर्ष को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा था।
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- फोटो : s
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विस्तार
दिल्ली से असम पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया(पीएफआई) के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी पर आंतकी गतिविधियों के साथ-साथ सांप्रदायिक संघर्ष को बढ़ावा देने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, असम पुलिस को पीएफआई नेता मिनारुल शेख के देशद्रोही गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिल रही थी। तलाश कर रही पुलिस ने उसे राष्ट्रीय राजधानी से गिरफ्तार किया और गुवाहाटी ले गई है। उसपर देशद्रोह, आपराधिक साजिश, दुश्मनी को बढ़ावा देने और लोक सेवक को कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला करने से संबंधित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शेख के अलावा पीएफआई कार्यकर्ता बजरुल करीम को गुरुवार को असम के करीमगंज से गिरफ्तार किया था। करीम पीएफआई का बराक घाटी जिला समिति का महासचिव और राज्य कार्यकारी समिति का सदस्य हैं। शेख की गिरफ्तारी के साथ असम पुलिस अभी तक पीएफआई के 11 सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिनमें से नौं को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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असम से गिरफ्तार किए गए दस पीएफआई सदस्यों में से चार कामरूप जिले के नगरबेरा से, दो गुवाहाटी से और एक-एक करीमगंज, बारपेटा, बक्सा और नगांव जिले से हैं। पुलिस ने कहा कि उन्हें गुवाहाटी लाया गया और विशेष शाखा मुख्यालय में अलग से पूछताछ की गई।
पूर्वोत्तर राज्यों में सांप्रदायिक संघर्ष को बढ़ावा देने का आरोप
असम पुलिस का कहना है कि इस बात की विश्वसनीय जानकारी है कि वे पूर्वोत्तर राज्य में सांप्रदायिक संघर्ष को बढ़ावा देने के प्रयास कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी मुस्लिम समुदाय पर हमला करार देने के मकसद से सरकार की हर नीति की सांप्रदायिक लहजे में आलोचना करके सांप्रदायिक जुनून और धार्मिक अल्पसंख्यकों की भावनाओं को भड़काने में लिप्त थे। पुलिस ने दावा किया कि ये राज्य के बाहर अदालतों के मुद्दों और आदेशों को लेकर लोगों को उकसाने के लिए साइबर स्पेस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे थे।
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जानकारी के मुताबिक, असम पुलिस को पीएफआई नेता मिनारुल शेख के देशद्रोही गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिल रही थी। तलाश कर रही पुलिस ने उसे राष्ट्रीय राजधानी से गिरफ्तार किया और गुवाहाटी ले गई है। उसपर देशद्रोह, आपराधिक साजिश, दुश्मनी को बढ़ावा देने और लोक सेवक को कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला करने से संबंधित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस ने शेख के अलावा पीएफआई कार्यकर्ता बजरुल करीम को गुरुवार को असम के करीमगंज से गिरफ्तार किया था। करीम पीएफआई का बराक घाटी जिला समिति का महासचिव और राज्य कार्यकारी समिति का सदस्य हैं। शेख की गिरफ्तारी के साथ असम पुलिस अभी तक पीएफआई के 11 सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिनमें से नौं को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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असम से गिरफ्तार किए गए दस पीएफआई सदस्यों में से चार कामरूप जिले के नगरबेरा से, दो गुवाहाटी से और एक-एक करीमगंज, बारपेटा, बक्सा और नगांव जिले से हैं। पुलिस ने कहा कि उन्हें गुवाहाटी लाया गया और विशेष शाखा मुख्यालय में अलग से पूछताछ की गई।
पूर्वोत्तर राज्यों में सांप्रदायिक संघर्ष को बढ़ावा देने का आरोप
असम पुलिस का कहना है कि इस बात की विश्वसनीय जानकारी है कि वे पूर्वोत्तर राज्य में सांप्रदायिक संघर्ष को बढ़ावा देने के प्रयास कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी मुस्लिम समुदाय पर हमला करार देने के मकसद से सरकार की हर नीति की सांप्रदायिक लहजे में आलोचना करके सांप्रदायिक जुनून और धार्मिक अल्पसंख्यकों की भावनाओं को भड़काने में लिप्त थे। पुलिस ने दावा किया कि ये राज्य के बाहर अदालतों के मुद्दों और आदेशों को लेकर लोगों को उकसाने के लिए साइबर स्पेस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे थे।