प्रदूषण के कारण 10 लाख बच्चे समय से पहले लेते हैं जन्म
भारत में 2010 में प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण गर्भवती महिलाओं ने 10 लाख से अधिक बच्चों को समयपूर्व जन्म दिया था। एक अध्ययन में इसका दावा किया गया है कि यह संख्या विश्व में सबसे अधिक है और चीन से लगभग दोगुनी है।
इस अध्ययन में देखा गया कि 2010 में विश्वभर में लगभग 27 लाख बच्चों ने समयपूर्व जन्म लिया जिसका संबंध वातावरण में मौजूद प्रदूषित कणों से था। इसमें सबसे अधिक संख्या वैश्विक स्तर पर पीएम 2.5 की थी जिसका संबंध दक्षिण और पूर्वी एशिया में बच्चों के समयपूर्व जन्म से था जहां पर 75 फीसदी बच्चों के समयपूर्व जन्म हुए। इससे बहुत फर्क पड़ता है कि गर्भवती महिलाएं कहां रहती हैं।
समयपूर्व जन्म के खतरे के लिए बहुत से कारक जिम्मेदार
अध्ययन में कहा गया कि उदाहरण के रुप में चीन या भारत के एक शहर में रहने वाली महिला, इंग्लैंड या फ्रांस के एक गांव में रहने वाली महिला से कम से कम 10 गुना अधिक प्रदूषण से प्रभावित होती है। जब कोई बच्चा गर्भधारण के 37 हफ्तों से पहले जन्म लेता है तो उसके मरने का या फिर लंबे समय तक शारीरिक या मानसिक विकलांगता का खतरा होता है।
हमें पहले से पता है कि समयपूर्व जन्म के खतरे के लिए बहुत से कारक जिम्मेदार होते हैं जैसे कि मां की उम्र, मां को बीमारी, गरीबी या अन्य सामाजिक कारक और अब हालिया अध्ययन में बताया गया है कि वायु प्रदूषण भी इसका एक बड़ा कारक हो सकता है।