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कैदियों के भागने पर सियासत: पलानीस्वामी और स्टालिन ने सरकार को घेरा, कहा- तमिलनाडु में शुरू हुआ 'प्रिजन ब्रेक'

Tue, 27 Oct 2026 02:47 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 27 Oct 2026 02:47 PM IST
सार

तमिलनाडु की थेनी जिला उप-जेल से 17 कैदियों के फरार होने पर सियासी घमासान छिड़ गया है। एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने टीवीके सरकार पर शासन और कानून-व्यवस्था में विफल रहने का आरोप लगाया। वहीं, एमके स्टालिन ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार की आलोचना की।

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Politics over prisoner escape Palaniswami and Stalin target government, say prison break has begun Tamil Nadu
कैदियों के भागने पर सियासत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को तमिलनाडु में टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला। थेनी जिला उप-जेल से 17 कैदियों के फरार होने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे शासन और कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से विफल होने का सबूत बताया।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने क्या कहा? 
एक्स (ट्विटर) पर जारी एक बयान में, पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार और अहम विभागों को संभालने वाले मंत्रियों को निशाने पर लिया। उन्होंने बताया कि एक ही मंत्री के अधीन कई विभागों में गंभीर प्रशासनिक चूकें हो रही हैं। उन्होंने कहा, 'थेनी जिला जेल से 17 कैदियों के भागने की खबर चौंकाने वाली है।'
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उन्होंने कहा कि कानून विभाग पहले ही वकीलों की नियुक्ति में कथित भ्रष्टाचार के कारण जनता के बीच शर्मिंदगी झेल रहा है और उसे न्यायपालिका से कड़ी फटकार भी मिल चुकी है। वहीं, बिजली विभाग भी बिजली कटौती और खरीद में भ्रष्टाचार के चलते पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुका है। अब इस विफलताओं की सूची में जेल विभाग का नाम भी जुड़ गया है।
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क्या आरोप लगाया? 
उन्होंने कहा, 'सबसे बड़ी बात यह है कि इन तीनों विभागों का प्रभार एक ही मंत्री (आर. निर्मल कुमार) के पास है।' उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा राज्य इस मंत्री के प्रशासनिक कामकाज का मजाक उड़ा रहा है, जो हर समय माइक्रोफोन के पीछे रहने के लिए बेताब रहते हैं और नींद में भी एआईएडीएमके की तारीफ करते रहते हैं। यह बेहद शर्मनाक है।'

इसके साथ ही डीएमके अध्यक्ष एमके स्टलिन ने भी टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुझल और थेनी जेलों से लगातार कैदियों के भागने की घटनाओं के बाद राज्य में जेल सुरक्षा पूरी तरह चरमरा गई है। थेनी सब-जेल से 17 विचाराधीन कैदियों के भागने पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने इस सरकार को किसी काम की नहीं बताया।

एमके स्टालिन ने क्या कहा? 
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, 'अब तमिलनाडु में 'ब्रेकिंग बैड' के बाद 'प्रिजन ब्रेक' शुरू हो गया है।' उन्होंने तीखी आलोचना करते हुए कहा, 'मुझे लगा था कि केवल जमानत पर बाहर आए अपराधियों पर ही निगरानी नहीं रखी जा रही है, लेकिन यह सरकार तो जेल के अंदर बंद कैदियों को भी भागने देने पर आमादा है।'

उन्होंने कहा, 'अभी हम पुझल सेंट्रल जेल से दो कैदियों के भागने के सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि थेनी जिला जेल से 17 कैदी भाग गए।' उन्होंने आगे कहा, 'जानकारों का कहना है कि 1995 के बाद यह पहली बार है जब एक साथ इतने सारे कैदी जेल से भागे हैं।' स्टालिन ने कहा कि आज के दौर में, जब सुरक्षा के उन्नत इंतजाम और निगरानी तकनीक मौजूद हैं, ऐसी चूक बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। बाहर अपराधी बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं, और जेल के अंदर से कैदी धड़ल्ले से भाग रहे हैं। 


कनिमोझी ने क्या कहा? 
वहीं, डीएमके के उप महासचिव कनिमोझी ने कहा, 'मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु की जेलों से 50 से अधिक कैदी भाग चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक ही दिन में 17 कैदी भाग गए। जब विपक्षी दलों ने पुलिस व्यवस्था में खामियों का मुद्दा उठाया, तो पुलिस कथित तौर पर सत्ताधारी पार्टी के समर्थन में काम करती दिखी। पुलिस को अपना काम करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि सत्ताधारी पार्टी के आईटी विंग की तरह काम करना चाहिए।'
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