ईयू सांसदों के कश्मीर दौरे पर सियासत तेज, अब भाजपा सांसद ने भी उठाए सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर जा रहे यूरोपीय यूनियन के 28 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले दिल्ली सहित घाटी में भी सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा सासंद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी इसे लेकर अपनी सरकार पर निशान साधा है।
स्वामी ने कहा कि मैं हैरान हूं कि विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय यूनियन के सांसदों के निजी दौरे की व्यवस्था की है। यह आधिकारिक दौरा नहीं है। यह हमारी नीति के खिलाफ है। सरकार को तुरंत यह दौरा रद्द कर देना चाहिए।
I am surprised that the MEA has arranged for European Union MPs, in their private capacity [Not EU's official delegation],to visit Kashmir area of J&K. This is a perversion of our national policy. I urge the Government cancel this visit because it is immoral.
विज्ञापन विज्ञापन— Subramanian Swamy (@Swamy39) October 28, 2019
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के दौरे पर जाने के लिए यूरोप के सांसदों का स्वागत किया जाता है, जबकि भारतीय सांसदों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। इसमें बहुत कुछ गलत है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ईयू सांसदों के कश्मीर दौरे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंनें ट्वीट करते हुए लिखा कि कश्मीर में यूरोपियन सांसदों को सैर-सपाटा और हस्तक्षेप की इजाजत लेकिन भारतीय सांसदों और नेताओं को पहुंचते ही हवाई अड्डे से वापस भेजा गया! बड़ा अनोखा राष्ट्रवाद है यह।
वहीं कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर आंतरिक मामला है। अगर पीएम नरेंद्र मोदी विदेशी नेताओं को अतिथि के तौर पर कश्मीर दौरा करवा सकते हैं तो अपने देश के विपक्षी नेताओं से सौतेला व्यवहार क्यों, उनके जाने पर पाबंदी क्यों?
Jaiveer Shergill: Second, the nation, especially the opposition wants to know, if PMO can host EU member delegation & facilitate their visit to J&K, then why are they not extending same courtesy to opposition here? Why Centre objects to opposition leaders visiting J&K. (2/2) https://t.co/mkjkPyYR40
— ANI (@ANI) October 28, 2019
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, जब भारतीय नेताओं को जम्मू-कश्मीर के लोगों से मिलने से रोका जा रहा है तो सीना ठोककर राष्ट्रवाद की बात करने वालों ने क्या सोचकर यूरोपीय नेताओं को जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत दी। यह सीधे-सीधे भारत की अपनी संसद और हमारे लोकतंत्र का अपमान है।
When Indian political leaders have been prevented from meeting the people of J&K, what possessed the great chest-beating champion of nationalism to allow European politicians to visit J&K. This is an outright insult to India's own Parliament and our democracy! https://t.co/D48dnctRqE
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) October 28, 2019
कांग्रेस नेता और गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति (आरएस) के अध्यक्ष आनंद शर्मा ने भी भाजपा को आड़े आथ लिया। आनंद शर्मा ने कहा, यह भारतीय संसद की संप्रभुता का अपमान है। सरकार को जवाब देना चाहिए कि उसने संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन क्यों किया, समिति को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
Anand Sharma,Congress& Chairman of Parliamentary Standing Committee(RS) on Home Affairs,on European delegation to visit Kashmir:This is disrespect to sovereignty of Indian parliament.Govt must answer why it violated parliamentary privileges,the committee was not briefed on this pic.twitter.com/zcwOfzFcQ1
— ANI (@ANI) October 28, 2019