राहुल गांधी ने फिर कसा PM मोदी पर तंज, कहा- एक और किताब लिखनी चाहिए
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सीबीएसई के पेपर लीक मामले पर सियासी संग्राम शुरू हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकार की विफलता करार देते हुए मोदी एंड टीम को सवालों के कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंजात्मक ट्वीट किया। अपने ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री ने किताब लिखी एग्जाम वॉरियर्स, जिसमें छात्रों को बताया गया कि परीक्षा के दौरान तनाव से कैसे दूर रहें। अगली किताब होनी चाहिए, पेपर लीक के बाद जिंदगी बर्बाद होने पर छात्र और उनके माता-पिता तनाव से कैसे दूर रहें।
PM wrote Exam Warriors, a book to teach students stress relief during exams.
Next up: Exam Warriors 2, a book to teach students & parents stress relief, once their lives are destroyed due to leaked exam papers. pic.twitter.com/YmSiY0w46b— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 30, 2018विज्ञापन
वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि सिर्फ सीबीएसई के पेपर लीक होने का मसला नहीं है बल्कि एसएससी घोटाला भी चिंता का विषय है। मौजूदा मोदी सरकार अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं कर रही है। अगर वह स्वीकार नहीं करेंगे तो कौन करेगा।
#CBSEPaperLeak is not the only paper leak. The #SSCscam was another major concern. If the government does not take accountability for its wrongdoings, then who will?: Kapil Sibal, Congress pic.twitter.com/AN7tJ6yTfU
— ANI (@ANI) March 30, 2018
इस मुद्दे पर राज ठाकरे ने भी केंद्र की सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर सरकार की नाकामी है। अपनी गलती को स्वीकार करने के बजाय सरकार चाहती है कि छात्र परीक्षा देने के लिए दोबारा जाएं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मैं उन सभी लोगों से गुजारिश करता हूं जिनके बच्चे पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं कि वह किसी भी हालत में अपने बच्चों को एग्जाम देने के लिए दोबारा न भेजें।
It's the failure of Govt, without accepting it, why do they want students to re-appear for exam? I request to the parents throughout the country, don't let your child sit for re-examination in any condition: Raj Thackeray #CBSEPaperLeak pic.twitter.com/2FGlVxXfDF
— ANI (@ANI) March 30, 2018
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह पूरी तरीके से शिक्षा मंत्रालय की नाकामी है। सरकार की गलती की वजह से 28 लाख छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। हम इस मुद्दे को सदन में भी उठाएंगे।