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कानों देखी: कांग्रेसियों के लिए राहुल गांधी महाभारत के 'अभिमन्यु', तो भाजपाई पीएम को बता देते हैं 'कृष्ण'

Tue, 28 Mar 2023 06:44 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Tue, 28 Mar 2023 06:44 PM IST
सार

कांग्रेसी प्रधानमंत्री के इस भाषण के जवाब में राहुल गांधी की तुलना महाभारत के अभिमन्यु से कर रहे हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी को जयद्रथ और पूरी कौरव सेना ने घेर रखा है। राहुल के कुछ बोलते ही पूरी सेना अर्थ का अनर्थ बनाकर हमले में जुट जाती है। इसमें तमाम मंत्री भी संयम लांघ जाते हैं...

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Political Gossips: For Congressmen, Rahul Gandhi is Abhimanyu of Mahabharata, while BJP calls PM as Krishna
PM Modi and Rahul Gandhi - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

संसद भवन में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि एक अकेला सब पर भारी है। कांग्रेसी प्रधानमंत्री के इस भाषण के जवाब में राहुल गांधी की तुलना महाभारत के अभिमन्यु से कर रहे हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी को जयद्रथ और पूरी कौरव सेना ने घेर रखा है। राहुल के कुछ बोलते ही पूरी सेना अर्थ का अनर्थ बनाकर हमले में जुट जाती है। इसमें तमाम मंत्री भी संयम लांघ जाते हैं। कांग्रेसी नेताओं के जवाब के बाद भाजपाई भी कहां पीछे रहने वाले। एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि राहुल गांधी अभिमन्यु हैं अथवा नहीं, लेकिन प्रधानमंत्री को महाभारत काल के सबसे लोकप्रिय पात्र कृष्ण के रूप में देख सकते हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्र के लिए समर्पित हैं और खुद को केवल जनता का सेवक मानते हैं। बस यही कारण है कि उनका कोई विकल्प नहीं है। उत्तर प्रदेश के नेता जी मुदित भाव में कहते हैं कि उनका एक अकेला सब पर भारी का मतलब तो अब आप समझ ही गए होंगे।

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बाबा के बुलडोजर और जीरो टालरेंस ने ला दिया दिल्ली को हाशिए पर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब राजनीति में मंझे खिलाड़ी की तरह खेल रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश की जनता का मूड भांप लिया है। भाजपा की अंदरूनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री का बुलडोजर और माफिया को मिट्टी में मिला देने वाले बयानों से सरकार की जबरदस्त छवि बन रही है। बनारस के एक प्रचारक कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में टीआरपी के मामले में बाबा के मुकाबले में इस समय कोई नहीं है। गोरखपुर के एक राय साहब हैं। मुख्यमंत्री योगी के करीबियों में गिने जाते हैं। बताते हैं कि पहले तो कुछ नेता लखनऊ से दिल्ली करते रहते थे। उनका इशारा कुछ उप मुख्यमंत्रियों की तरफ भी है। इधर सब चुप हैं। राय के मुताबिक 2024 में भी यही माफिया को मिट्टी में मिला देने वाला डायलाग बहुत कुछ देने वाला है। इसलिए लखनऊ आगे-आगे और दिल्ली डबल इंजन के सिस्टम में साथ-साथ चल रही है।

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भूपेश बघेल को कैसे चुनौती देगी भाजपा? राजस्थान भी 'टफ एंड टाइट' है

छत्तीसगढ़ भाजपा के कुछ नेता मानते हैं कि जैसे पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का विकल्प नहीं मिल रहा था, वैसे ही कांग्रेस में भूपेश बघेल का कोई सानी नहीं है। वह यह कहने में संकोच करते हैं कि भाजपा में छत्तीसगढ़ के लिए कोई भावी चेहरा नहीं है। हां, अब यह कहने में कोई बड़ा संकोच नहीं होता कि साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी रमन सिंह के बजाय किसी और चेहरे पर दांव अजमा सकती है। एक पूर्व नौकरशाह रमन सिंह के चहेते रहे हैं। कहते हैं कि भूपेश बघेल ने पांच साल में कुछ तो किया है। जनता का एक वर्ग उन्हें पसंद करता है। इसलिए भूपेश बघेल का मुकाबला केवल पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ही कर सकते हैं। हालांकि खबर यह भी है कि रमन सिंह के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सुंदर समीकरण नहीं बन पा रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल वरिष्ठ नेता हैं। वह भी दिल्ली की ओर देख रहे हैं। नंद कुमार साय समेत अन्य भी भाजपा में पैठ रखते हैं। इन सबसे अलहदा यह भी सुनने में आ रहा है कि दिल्ली राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ विधानसभाओं के चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर लड़ना चाहती है। ताकि सत्ता को लेकर टकराव का झंझट ही न रहे। न वसुंधरा चले और न शिवराज। यह इच्छा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में तो पूरी हो सकती है, लेकिन राजस्थान में मामला थोड़ा अलग नज़र आ रहा है।

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एंग्री यंग मैन राहुल गांधी का घोड़ा कितना दौड़ेगा?

राहुल गांधी पूरी तरह से एंग्री यंग मैन की भूमिका में हैं। उन्हें केसी वेणुगोपाल की सलाह बहुत पसंद आती है। वेणुगोपाल को भी लग रहा है कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता का जाना भाजपा के लिए अपशकुन साबित होगा। कांग्रेस को संजीवनी मिलेगी। लेकिन भाजपा की तैयारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की रणनीति राहुल के बहाने सहानुभूति लेने की कांग्रेस की कोशिशों को फुस्स करने में लगी है। एक केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि दो-तीन महीने इंतजार कीजिए। कर्नाटक विधानसभा चुनाव का नतीजा आ जाने दीजिए। हमें बोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तर प्रदेश में 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका निभा चुके एक अन्य पूर्व मंत्री का कहना है कि दो चीजें स्पष्ट हैं। पहली यह कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष का एकजुट होना मुश्किल है। दूसरी यह कि 2024 के प्रधानमंत्री मोदी बनाम राहुल गांधी होने में भाजपा को जबरदस्त फायदा है। कांग्रेस इसमें से जो चाहे चुन सकती है।

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