फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Political antagonist Yeddyurappa and Shivkumar come together in Supreme Court

येदियुरप्पा और शिवकुमार, सुप्रीम कोर्ट में एक साथ आए धुर विरोधी, ये है पूरा मामला

Sat, 27 Jul 2019 02:50 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Sat, 27 Jul 2019 02:50 AM IST
विज्ञापन
Political antagonist Yeddyurappa and Shivkumar come together in Supreme Court
डीके शिवकुमार-बीएस येदियुरप्पा-एचडी कुमारस्वामी - फोटो : ANI

कर्नाटक की राजनीति में एक दूसरे के धुर विरोधी मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक साथ खड़े दिखाई दिए। दोनों नेता बंगलूरू में कथित तौर पर जमीन हड़पने के एक मामले को फिर से खोले जाने की याचिका का विरोध कर रहे हैं। इस मामले में दोनों आरोपी थे।  

विज्ञापन


चीफ जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह की पीठ के समक्ष येदियुरप्पा और शिवकुमार ने हस्तक्षेपकर्ता द्वारा मामले को फिर से खोलने की याचिका का विरोध किया। येदियुरप्पा के वकील मुकुल रोहतगी और शिवकुमार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ से कहा कि मूल याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका पिछले साल ही वापस ले ली थी और कोर्ट ने इसकी इजाजत दी थी। 
विज्ञापन


अब एक हस्तक्षेपकर्ता ने याचिका दाखिल की है जिसका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है। वहीं पीठ ने मामले को बंद किए जाने पर सवाल उठाए। पीठ ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है। हालांकि पीठ ने किसी तरह का आदेश पारित किए बिना सुनवाई टाल दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जमीन से संबंधित है पूरा मामला

मामला 4.20 एकड़ जमीन से संबंधित है। इस जमीन को तत्कालीन शहरी विकास मंत्री डीके शिवकुमार ने बीके श्रीनिवासन से अधिगृहीत की थी। यह नोटिफाइड जमीन थी जिसका पूर्व में बंगलूरू विकास प्राधिकरण ने अधिग्रहण किया था। कर्नाटक भूमि कानून के तहत सरकार द्वारा अधिगृहीत जमीन को हस्तांतरित करने पर रोक है। बाद में येदियुरप्पा की सरकार ने इस जमीन को डिनोटिफाई कर दिया था यानी येदियुरप्पा ने शिवकुमार को लाभ पहुंचाया। 

इन दोनों नेताओं सहित अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मुकदमा शुरू किया गया था लेकिन दिसंबर, 2015 में हाईकोर्ट ने इन लोगों के खिलाफ चल रहे मुकदमे को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को समाजसेवी काबलेगौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।


गत वर्ष फरवरी में याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस करने की इजाजत मांगी थी जिसे स्वीकार कर लिया गया था। अब समाज परिवर्तन समुदाय नामक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गत वर्ष फरवरी महीने के आदेश को वापस लेने के लिए आवेदन दाखिल किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed