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भाजपा नेता तेवतिया पर हमले का खुलासा, 17 साल पुरानी थी रंजिश

Thu, 18 Aug 2016 03:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Updated Thu, 18 Aug 2016 03:32 AM IST
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police reveal BJP leader Tewatia attack story, it was 17-year-old rivalry
ब्रजपाल तेवतिया पर एके-47 से हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने बुधवार को आधिकारिक खुलासा कर दिया। - फोटो : Amar Ujala
भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर एके-47 से हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने बुधवार को आधिकारिक खुलासा कर दिया। 17 साल पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए सुरेश दीवान के बेटे मनीष और भतीजे मनोज ने यह साजिश रची थी। वारदात में शामिल चार हमलावरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि साजिशकर्ता मनीष और मनोज समेत आठ आरोपी अभी भी फरार हैं।
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पकड़े गए आरोपी निशांत उर्फ जीतू भदौरिया निवासी प्रताप नगर (कविनगर), राहुल त्यागी निवासी ग्राम दोज्जा थाना बिनौली बागपत, रामकुमार उर्फ राम सिंह निवासी महरौली और जितेंद्र उर्फ पोपे निवासी सदरपुर हैं। गाजियाबाद पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर इन्हें मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे दुहाई पाइप लाइन तिराहे से गिरफ्तार किया। इनसे वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल और स्कूटी बरामद की गई हैं। मनोज और मनीष के अलावा गौरव निवासी राजपुर, ग्रेटर नोएडा, अभिषेक निवासी लोनी, बबल उर्फ योगेंद्र निवासी राजनगर एक्सटेंशन, बिट्टू, संसार सिंह और पहलवान भागे हुए हैं। 
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आईजी (मेरठ जोन) सुजीत पांडे और आईजी (एसटीएफ) रामकुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 12 जून 1999 को महरौली के कांस्टेबल सुरेश दीवान की प्रॉपर्टी विवाद में दिल्ली के शकरपुर इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में ब्रजपाल तेवतिया समेत कई लोगों को नामजद किया गया था, लेकिन विवेचना में भूमिका न पाए जाने पर ब्रजपाल तेवतिया का नाम निकाल दिया गया था। दीवान के बेटे मनीष, विक्की और भतीजे मनोज के मन में तभी से ब्रजपाल से रंजिश पनप रही थी। 
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बदला लेने की सोच के साथ वे बड़े हुए और अब हत्या की साजिश रची। मनीष की उम्र इस समय 26 साल है। उसने शूटरों को मोटी रकम देने का वादा कर एके-47, कारबाइन और पिस्टल जैसे स्वचालित हथियारों का इंतजाम किया। इसके बाद मनीष ने अपने छह साथियों के साथ 11 अगस्त को ब्रजपाल तेवतिया पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से अलग-अलग ग्रुप में फरार हो गए। स्कूटी सवार राम सिंह ने ही तेवतिया के बारे में पल-पल की जानकारी मोबाइल पर मनीष को दी थी। इसके बाद ही वारदात को अंजाम दिया गया।
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