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जुबीन गर्ग मौत मामला: आरोपियों को जेल ले जाते समय भीड़ ने किया पथराव, तनाव बढ़ा; प्रशासन ने बंद किया इंटरनेट
Wed, 15 Oct 2025 04:43 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 15 Oct 2025 04:43 PM IST
सार
असम के बक्सा में लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले गिरफ्तार आरोपियों पर भीड़ ने उस समय पथराव कर दिया, जब उन्हें जेल ले जाया जा रहा था। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। फिलहाल जेल के बाहर तनाव बना हुआ है।
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जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
असम पुलिस को बुधवार को उस समय लाठीचार्ज करना पड़ा, जब मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को जेल ले जाते समय भीड़ ने उन पर पथराव कर दिया। यह घटना बाक्सा केंद्रीय जेल के बाहर हुई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हमले में कुछ लोग घायल हुए, जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल है। पथराव से कई वाहनों के शीशे टूट गए और प्रदर्शन को कवर कर रहे कुछ पत्रकार भी इसकी चपेट में आ गए। यह घटना उस समय हुई, जब आरोपियों को जेल में रखा जाने वाला था। जैसे ही उनके वाहनों का काफिला मुसलपुर इलाके में स्थित जेल के गेट के पास पहुंचा, वहां बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने यहां तक मांग की कि आरोपियों को जनता के हवाले कर दिया जाए, ताकि जुबीन को न्याय मिल सके।
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हमले में कुछ लोग घायल हुए, जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल है। पथराव से कई वाहनों के शीशे टूट गए और प्रदर्शन को कवर कर रहे कुछ पत्रकार भी इसकी चपेट में आ गए। यह घटना उस समय हुई, जब आरोपियों को जेल में रखा जाने वाला था। जैसे ही उनके वाहनों का काफिला मुसलपुर इलाके में स्थित जेल के गेट के पास पहुंचा, वहां बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने यहां तक मांग की कि आरोपियों को जनता के हवाले कर दिया जाए, ताकि जुबीन को न्याय मिल सके।
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#WATCH | Vehicles set on fire, stones pelted as protest turned violent outside Baksa District Jail in Assam's Baksa district after five accused in Zubeen Garg death case - main event organizer Shyamkanu Mahanta, Zubeen Garg's Manager Siddharth Sharma, his cousin Sandipan Garg… https://t.co/sZqqHVaUOK pic.twitter.com/IAjYD8w9F9
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 15, 2025
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पुलिस ने प्रयास किया कि यह वाहन सुरक्षित जेल के अंदर पहुंच जाएं, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने जेल के गेट पर तैनात पुलिस से धक्का-मुक्की शुरू कर दी और अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने के लिए कहा। लेकिन जब वे नहीं माने, तो हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद भी तनाव बना हुआ है। भीड़ थोड़ा पीछे हटी है लेकिन अब भी वहां से पूरी तरह नहीं हटी है।
जुबीन गर्ग मौत मामला
- फोटो : पीटीआई
इलाके के हालात को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और जेल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले दोपहर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईएफ) के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंता, जुबीन के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, उनके रिश्तेदार और पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग और उनके दो निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा और प्रवीण बैश्य को कामरूप के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया था। पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कोर्ट ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया कि उन्हें ऐसी जेल में भेजा जाए, जहां कम से कम कैदी हों। इसी वजह से उन्हें बाक्सा जिले की मुसलपुर जेल में स्थानांतरित किया गया। यह जेल दो महीने पहले शुरू हुई है और अभी वहां कोई अन्य कैदी नहीं है। गौरतलब है कि असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय हो गया था।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने बक्सा जिले में दूरसंचार सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
कोर्ट ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया कि उन्हें ऐसी जेल में भेजा जाए, जहां कम से कम कैदी हों। इसी वजह से उन्हें बाक्सा जिले की मुसलपुर जेल में स्थानांतरित किया गया। यह जेल दो महीने पहले शुरू हुई है और अभी वहां कोई अन्य कैदी नहीं है। गौरतलब है कि असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय हो गया था।
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