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Dombivli: डोंबिवली रसायन फैक्टरी विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई; कंपनी की मालकिन और बेटे को लिया हिरासत में

Fri, 24 May 2024 08:24 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 24 May 2024 08:24 PM IST
सार

पुलिस ने एफआईआर में रसायन कंपनी के मालिकों/निदेशकों मालती प्रदीप मेहता, मलय प्रदीप मेहता एवं अन्य निदेशकों, प्रबंधन कर्मचारियों सहित उन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिन पर कारखाने की निगरानी की जिम्मेदारी थी। उनके खिलाफ भादंसं की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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Police detain 2 owners of Dombivli factory, where blast killed 13 and left over 55 injured
डोंबिवली बॉयलर ब्लास्ट - फोटो : PTI

विस्तार

महाराष्ट्र में ठाणे जिले के डोंबिवली में एक रसायन फैक्टरी में विस्फोट में मृतकों की आंकड़ा बढ़कर 13 हो गई है। वहीं, 55 से अधिक लोग घायल हैं। इस बीच पुलिस ने इस हादसे को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर कंपनी की मालकिन और उनके बेटे को हिरासत में लिया है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि फैक्टरी मालिक यह जानते थे कि रासायनिक पदार्थों के मिश्रण और भंडारण में सावधानी नहीं बरतने या कोई भी चूक होने पर विस्फोट होने का खतरा है। पुलिस ने कंपनी की निदेशक मालती मेहता को नासिक से हिरासत में लिया है।

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डोंबिवली एमआईडीसी क्षेत्र के ‘फेस-2’ में स्थित अमुदान केमिकल्स प्रा. लि. कंपनी में हुए विस्फोट के लगभग 12 घंटे बाद महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मानपाडा पुलिस ने बृहस्पतिवार रात लगभग एक बजकर 50 मिनट पर प्राथमिकी दर्ज की। दूसरे दिन शुक्रवार को पुलिस ने कंपनी की मालकिन मालती मेहता और उनके बेटे मलय मेहता को नासिक से हिरासत में लिया। नासिक पुलिस बल के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें अपने ठाणे समकक्षों से जानकारी मिली थी कि कुछ आरोपी इस समय नासिक में हैं। इसके बाद अपराध शाखा के अधिकारियों ने तलाशी ली और मालती मेहता को पकड़ लिया, जो एफआईआर में नामित पहली आरोपी है।
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पुलिस ने एफआईआर में रसायन कंपनी के मालिकों/निदेशकों मालती प्रदीप मेहता, मलय प्रदीप मेहता एवं अन्य निदेशकों, प्रबंधन कर्मचारियों सहित उन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिन पर कारखाने की निगरानी की जिम्मेदारी थी। उनके खिलाफ भादंसं की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए हैं। यह भी आशंका जताई गई है कि रिएक्टर में विस्फोट के कारण ढही फैक्टरी के मलबे में कुछ और लोग भी दबे हो सकते हैं।
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फैक्टरी के मालिकों को पता था कि चूक से विस्फोट हो सकता है फिर भी बरती लापरवाही
प्राथमिकी में कहा गया है कि ये चूक होने के कारण बृहस्पतिवार को विस्फोट हुआ, जिसकी वजह से कारखाने के परिसर और आसपास स्थित कंपनी परिसरों में लोगों की मौत हुई। इसमें कहा गया है कि विस्फोट इतना जोरदार था कि इससे घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और कारखाने के आसपास खड़ी कारों, सड़कों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा। बचाव अभियान में मदद कर रहे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अनुसार फैक्टरी में खाद्य रंगों का उत्पादन किया जाता है और ‘पेरोक्साइड’ का उपयोग किया जाता है जिससे कुछ विशेष परिस्थितियों में विस्फोट होने का खतरा रहता है।

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