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जेनेवा में हुई पुलवामा हमले की निंदा, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा- पीओके में खत्म हो आतंकवाद

Tue, 12 Mar 2019 05:38 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Tue, 12 Mar 2019 05:38 PM IST
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POK human right activist condemn Pulwama attack at UNHRC
जेनेवा में सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 40वें अधिवेशन का आयोजन हुआ। - फोटो : एएनआई

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने जेनेवा में पुलवामा हमले की निंदा करते हुए पाक अधिकृत कश्मीर सहित पाकिस्तान स्थित सभी आतंकवादी कैंपों को खत्म करने को कहा है। जेनेवा में सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 40वें अधिवेशन के मौंके पर आतंकवाद और अतिवाद पर अपनी बात रखते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि आतंकवाद से न सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बल्कि पूरी दुनिया पीड़ित है।

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भारत के खिलाफ छद्म युद्ध के लिए पाकिस्तान तैयार करता है आतंकवादी

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के चेयरमैन सरदार शौकत अली कश्मीरी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को भारत के खिलाफ छद्म युद्ध के लिए तैयार करती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के अधिकारी खुलेआम कश्मीरी लोगों को आत्मघाती हमले अटैक के लिए उकसाते हैं और तैयार करते हैं। अब स्थिति बेहद बिगड़ चुकी है।

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कश्मीरी हैं शांति और अमन पसंद लोग

शौकत अली ने कहा हम शांति और अमन पसंद लोग हैं और विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के साथ मिल-जुल कर रहना पसंद करते हैं। अगर पाकिस्तान इसी तरह लगातार हमारे यहां आतंकवाद और कट्टरवाद फैलाता रहा तो हमारा राज्य धर्म के आधार पर हजारों टुकड़ों मे विभाजित हो जाएगा।

पाकिस्तान धर्म का दुरुपयोग कर फैला रहा आतंकवाद

शौकत अली ने जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान धर्म का दुरुपयोग कर आतंकवाद और कट्टरता को बढ़ावा दे रहा है जो किसी के भी हित में नहीं है। इसका प्रभाव पाकिस्तान की सिविल सोसाइटी में दिखाई भी पड़ता है जहां आमलोगों की आवाज आतंकवादियों और कट्टरपंथी धर्मगुरुओं द्वारा दबा दी गई है। अगर कोई शांतिप्रिय संस्था इसके खिलाफ आवाज उठाती भी है, तो उसे आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ता है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बुरा हाल, आतंकवाद का खात्मा जरूरी

मानवाधिकार आयोग से अपील करते हुए शौकत अली कश्मीरी ने कहा कि हम लोग बहुत बुरे दौर से गुजर रहे हैं। हम मानवाधिकार आयोग से आग्रह करते हैं कि वह इसमें हस्तक्षेप करे और इसकी जांच करे जिससे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवाद के ठिकानों का खात्मा हो।

कश्मीर के दूसरे मानवाधिकार कार्यकर्ता मिसार हसन ने कहा अब समय है कि इस समस्या पर पुर्नविचार किया जाए और सभी आतंकवादी संगठनों को, चाहे वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मे हों या पाकिस्तान में, खत्म किए जाएं।

पकिस्तान सरकार को अब जिम्मेदार होने की जरूरत है जिससे आतंक को बढ़ावा दे रहे लोगों से छुटकारा पाया जा सके। ऐसे लोग न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए भी खतरा हैं।

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